क्यों होता है सावन में ठाकुर का विशेष श्रृंगार?
22 अगस्त यानी कल बुधवार से कान्हा—नगरी मथुरा के विख्यात दानघाटी मंदिर में शुरू होने वाले घटा महोत्सव में भगवान गोवर्धन की मनोहारी झांकियां श्रद्धालुओं काे प्रेम रस में डुबोने को तैयार हैं। यह महोत्सव रक्षाबंधन तक चलेगा।दानघाटी मंदिर के…
बासुकीनाथधाम में उमड़ा जनसैलाब
दुमका/भागलपुर : झारखंड के दुमका जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा बासुकीनाथ धाम में राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के 24वें दिन और सावन महीने के अंतिम सोमवारी को बिहार—झारखंड के श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बम—बम भोले के जयघोष के…
यहां चिराग के नीचे भी अंधेरा, ऊपर भी अंधेरा
बोधगया : हम जानते हैं कि चिराग तले अंधेरा होता है। लेकिन यदि वही अंधेरा चिराग के ऊपर हावी हो जाए तो इसे सभ्यता का ह्रास ही कहेंगे। चिराग के ऊपर यह अंधेरा हावी हुआ है ज्ञान की भूमि बोधगया…
रोया कण—कण बिहारी, अटल बिहारी, अटल बिहारी…
पटना : पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर समूचा बिहार शोकमग्न है। उनके जाने से पैदा हुआ खालीपन भरना नामुमकिन है। वे बिहार के जन—जन में किस कदर व्याप्त हैं, इसकी बानगी अटल जी के…
मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिर में भगदड़
मुजफ्फरपुर : सावन की तीसरी सोमवारी पर मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर परिसर में आज अचानक भगदड़ मच गई। जलाभिषेक के लिए मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी थी। इस भगदड़ में 25 कांवरिया घायल हो गये। इनमें से कुछ…
यहां जान जोखिम में डाल होती है पढ़ाई
नवादा : जिले के पकरीबरावां प्रखंड क्षेत्र के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय योगीबिघा में बच्चों और शिक्षकों की जान जोखिम में डालकर पठन—पाठन हो रहा है। प्रधान शिक्षक कार्यालय व बरामदे की दीवार में पड़ी दरार हमेशा किसी अनहोनी का अहसास…
यहां ‘संस्कृत’ में बिकती हैं सब्जियां
लखनऊ/पटना : भारतवर्ष में एक समय ऐसा भी था जब दुनिया की प्राचीनतम भाषा संस्कृत सर्वसाधारण की बोलचाल की भाषा थी। लेकिन, आधुनिक समय में यह देवभाषा ग्रंथों में सिमट कर रह गई है। संस्कृत को फिर से जनमानस में…
दुश्मन के इरादों पर ‘सील‘ प्रहार
पटना: पूर्वोत्तर भारत के युवाओं में अपने ही देश के प्रति भ्रम व घृणा पैदा करने वाला अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र, ‘सील’ के कारण विफल हुआ है। सील का मतलब है स्ट्ूडेंट एक्सपीरियंस इन इंटर स्टेट लिविंग। पिछले दिनों सील के तहत…
बुनकरों की गुरबत दूर करेगी मुद्रा योजना
पटना : राज्य व केन्द्र सरकार खादी के साथ हर स्तर पर हस्तकरघा को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र हस्तकरघा है। गांधी जी ने भी कहा था कि-‘आजादी का हथियार…
कहानियों का बेजोड़ संग्रह, छंटते हुए चावल
पुस्तक समीक्षा छँटते हुए चावल (कहानी संग्रह) प्रकाशक : शब्द प्रकाशन लेखक : नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ मूल्य : 140 रुपये मात्र जब खुद के जीवन के अनुभव कड़वे होते हैं, तब कलम की ताकत खुद-ब-खुद बढ़ जाती है। इस कथन को,…