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महागठबंधन के घटक दलों को राजद ने बनाया डगरा के बैगन : अरविन्द सिंह

पटना: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अरविन्द कुमार सिंह का मानना है कि महागठबंधन में राजद ने अपने प्रभाव से अपने घटक दलों को डगरा के बैंगन बना दिया है।

कांग्रेस बिना पेंदी के लोटा की तरह राजद के इशारे पर काम कर रही है, उनके प्रमुख नेता इधर से उधर लोंघड़ा रहे हैं और राजद के छूट भईये नेता उनके बड़े-बड़े नेता सदानंद सिंह और अनिल शर्मा जैसे नेताओं को अपमानित कर रहे हैं।

वहीं आरएलएसपी के नेता एवं पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा अब हाई स्कूल के पढ़ाई पूरा न करने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बटरिंग में लगे हुए हैं और गा रहे हैं, “मिले सुर मेरा तुम्हारा सुर बने हमारा” जिससे कुछ दूध का छाली उनको भी मिल जाए, दया स्वरूप कुछ सीट जयादा मिल जाए।

भाजपा नेता ने कहा कि वहीं हम प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी महागठबंधन के सबसे सीनियर और अनुभवी नेता, जो कोआर्डिनेशन कमेटी बनाने के लिए तरस गए। लेकिन, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उनको भाव ही नहीं दिए, यहां तक कि राजद के छूट भैया नेता उनको इतनी भद्दी भद्दी कमेंट किया जिसका हद हिसाब नहीं और अब वे रास्ता तलाशते-तलाशते डगरा का बैगन हो गए हैं।

राष्ट्रीय जनता दल वीआईपी पार्टी के नेता श मुकेश साहनी को नेता कम एवं बंबइया कलाकार ज्यादा समझता है। बिहार के हैं लेकिन सारा एक्टिविटी इनका बॉम्बे सिनेमा वाला होने के चलते नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उनको भी पहचानते हैं, ये जिस समाज से आते हैं उस सामाज का उत्थान से उनको कोई मतलब नहीं है, बल्कि इनको खुद विधायक बनने के लिए बेचैनी है।

अरविन्द सिंह ने कहा कि यह महागठबंधन के जितने भी नेता हैं, सब के सब मुंगेरीलाल का हसीन सपने देखने वाले लोगों का एक जमात है, महागठबंधन से ज्यादा से ज़्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए कोई बटरिंग तो कोई ब्लैकमेलिंग एक दूसरों को कर रहा है।

ये जितने भी बिहार में दल बने हैं,  इनके नेताओं को सभी दलों का अनुभव इनको प्राप्त है, ये मजबूरी और भय का गठबंधन है। बिहार की जनता द्वारा रिजेक्टेड नेताओं को जनता देख रही है कि इनका आगे-आगे होता है क्या?