नल जल योजना को लेकर राजद ने उठाया सवाल, मंत्री ने कहा – जहां चाहते हैं वहां होगी जांच
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट यानी सात निश्चय योजना पर सोमवार को बिहार विधान परिषद में राजद के एमएलसी और बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री के बीच जमकर बहस हुई। इस दौरान हालात कुछ ऐसे हुए कि नीतीश कुमार खुद सदन में मौजूद होने के बावजूद कुछ नहीं बोल पाए।
हर घर नल का जल स्कीम पर सदन में सवाल – जवाब
दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लाए गए सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल स्कीम पर सदन में सवाल – जवाब हो रहा था। इसी दौरान राजद के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि इस योजना में भारी गड़बड़ी हुई है। सुनील कुमार सिंह ने यह तक कह दिया कि अगर इस योजना में कहीं काम हुआ होगा तो मैं वह कम करने के लिए बाध्य होउंगा जो सरकार में बैठे लोग कहेंगे। उन्होंने विभागीय मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार जहां चाहे चेक करा ले अगर नल जल योजना कहीं भी ठीक ढंग से चल रहा हो तो वह अपनी गलतियों के लिए कोई भी सजा भुगतने को तैयार हैं। पूरे बिहार के हर पंचायत में कमोवेश सभी जगह की एक ही स्थिति है।
राजद के एमएलसी ने सरकार पर यह आरोप लगाया कि एक तरफ तो सरकार कहती है कि हर घर नल का जल पहुंचा दिया गया है वहीं दूसरी तरफ पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर गंगा का पानी एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री को आश्वस्त करना चाहिए कि जो भी काम हुआ है उसकी जांच होनी चाहिए।
उनके पंचायत में नल जल योजना की जांच कराएंगे
वहीं,अपने सरकार पर किए गए हमले को लेकर बिहार विधान परिषद में मौजूद पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने जबाव देते हुए कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री इसकी लगातार समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, सम्राट चौधरी ने राजद एमएलसी पर चुटकी लेते हुए कहा कि मानसून सत्र खत्म होने के बाद सबसे पहले राजद विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह के घर जाकर यह जांच किया जाएगा कि उनके यहां नल जल योजना का पानी आता है या नहीं। उसके बाद उनके पंचायत में नल जल योजना की जांच कराएंगे। इसके अलावा वो जहां भी कहेंगे वहां जांच करवाई जाएगी।