लेख्य-मंजूषा : पहले निशब्द होती हूँ, फिर शब्द बुनती हूँ
पटना : पहले निशब्द होती हूँ, फिर शब्द बुनती हूँ। तब शब्दों को पिरोना होता है उक्त बातें डॉ.अनीता राकेश ने रविवार को लेख्य-मंजूषा के त्रैमासिक कार्यक्रम में कहीं। मंच से 8 वर्षीय आरव श्रीवास्तव की रचना पर प्रकाश डालते…
क्यों होता है सावन में ठाकुर का विशेष श्रृंगार?
22 अगस्त यानी कल बुधवार से कान्हा—नगरी मथुरा के विख्यात दानघाटी मंदिर में शुरू होने वाले घटा महोत्सव में भगवान गोवर्धन की मनोहारी झांकियां श्रद्धालुओं काे प्रेम रस में डुबोने को तैयार हैं। यह महोत्सव रक्षाबंधन तक चलेगा।दानघाटी मंदिर के…