दूध से खुशहाली
उन्नीस सौ इकावन की जनगणना के अनुसार बिहार की 88 प्रतिशत से भी अधिक आबादी गांवों में बसती थी। धीरे-घीरे यहां के पुरुषों का पलायन शहरों एवं देश के अन्य भागों की तरफ होने लगा, क्योंकि यहां के गांवों में…
सब साथ चलें
सहकारी ढांचे की औपचारिक शुरुआत से पहले देश के अनेक हिस्सों में सहकारिता का विचार और सहकारी गतिविधियां छुटपुट रूप से चलती रहती थीं। ग्रामीण समुदाय मिलजुल कर पानी के जलाशय बनाने और ग्रामीण वन लगाने में दिलचस्पी लेते थे।…
सहकारिता में आधी आबादी
किसी भी समाज एवं देश यहां तक कि व्यक्ति के विकास में भी महिलाओं की अहम भूमिका एवं सहयोग होता है। सहयोग, सहकर्म एवं सहअस्तित्व की प्रथम पाठशाला परिवार है। परिवार का मेरुदंड महिलाएं हैं। सहकारिता एक आन्दोलन है। आन्दोलन…
राहत की अनेक सौगातें
कृषि विभाग द्वारा नई प्रक्रिया से कम समय में किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में डीजल अनुदान की राशि हस्तांतरित की जा रही है। वर्ष 2018-19 में खरीफ मौसम में राज्य में अनियमित माॅनसून/सूखे/अल्पवृष्टि जैसी स्थिति में खरीफ फसलों…
किसानों का हमसफर
बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। यहां की लगभग 80 प्रतिशत अबादी कृषि कार्य पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर है। कृषि विभाग के अनुसार राज्य में कुल 56 लाख हेक्टेयर (141 लाख एकड़) कृषि योग्य भूमि का उपयोग…
सहकार ही रास्ता
भारत में सहकारिता आंदोलन की शुरूआत स्वतंत्रता की लड़ाई के साथ ही शुरू हुई थी। आजादी के वर्षों बाद भारत की सरकार व यहां के जागरूक लोगों को अहसास हुआ कि आर्थिक आजादी का सपना सहकारिता के रास्ते पर चलकर…
सबके साथ विकास
सहकारिता का अर्थ होता है ‘साथ मिलकर चलना’। यानी कहा जा सकता है कि सहकारिता शुरू से ही भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। प्राचीनकाल से ही भारत में सहकारिता की संस्कृति चली आ रही है। भारत की संस्कृति…