‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’, कविता पर झूमे श्रोता
दरभंगा : कविता के लिए बहुत प्रयास नहीं करना पड़ता है। कविता, गीत, शायरी आदि स्वयं उत्पन्न हो जाती हैं। गीत एवं कविताएं पीड़ा, वियोग एवं खुशी होने पर मुख से सहसा निकल पड़ता है। जब खुशियां एवं अनुभव पराकाष्ठा…