सुमो के केंद्र में जाने से खुश है लालू परिवार, कम होंगे हमले
पटना : रामविलास पासवान के निधन के बाद बिहार से खाली हुई राज्यसभा सीट भाजपा के पास है। इसको लेकर केंद्रीय नेतृत्व ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के नाम पर स्वीकृति दी है। इसके बाद अब सुशील मोदी का राज्यसभा जाना लगभग तय हो गया है।
दरसअल उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को जब नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया था तो कई प्रकार के कयास लगाए जा रहे थे। जिसके बाद केंद्र द्वारा इनको राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया गया। वहीं अब तक मिल रही जानकारी के अनुसार उनकी जीत सुनिश्चित नजर आ रही है। इसके पीछे का कारण यह है कि विपक्षी दलों ने सुशील मोदी के खिलाफ कोई कैंडिडेट नहीं दिया और अब 7 दिसंबर को नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के साथ सुशील मोदी राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे।
वहीं सुशील मोदी के राज्यसभा जाने से उनके पुराने सहयोगी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक तरफ जहां खुश नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ सुशील मोदी के कट्टर दुश्मन लालू यादव की गदगद हैं। राजनीतक जानकारों के अनुसार लालू यादव चाहते हैं कि सुशील मोदी बिहार की राजनीति से दूर रहें ताकि खुद उन पर और उनके परिवार पर सुशील मोदी का हमला कम हो पाए। क्योंकि सुशील मोदी बिहार की राजनीति में सबसे अधिक हमलावर लालू परिवार पर ही रहते हैं। इसका ताजा उदाहरण विधानसभा चुनाव से पूर्व फोन टेप के मामले में देखा जा चुका है। ऐसे में अगर सुशील मोदी बिहार की राजनीति से दूर जाते हैं तो खुद लालू यादव के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा।