डोरीगंज : वाराणसी से चला गंगा विलास पर्यटक क्रूज आज सोमवार को बिहार में गंगा—सरयू और सोन नदियों के संगम पर स्थित पुरातात्विक, अध्यामिक और सांस्कृतिक स्थल चिरांद पहुंचा। बनारस और बक्सर होते हुए आज सुबह करीब 11 बजे क्रूज पर सवार विदेशी पर्यटक चिरांद पहुंचे जहां चिरांद विकास परिषद एवं जिला प्रशासन की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया।
पुरातात्विक अवशेषों ने मोहा मन
इस मौके पर पुरातात्विक स्थल पर चिरांद विकास परिषद एवं बिहार सरकार के पुरातत्व विभाग की ओर से एक चित्र प्रदर्शनी लगायी गई थी। प्रदर्शनी के माध्यम से विश्व के अति महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल चिरांद के महत्व को उजागर किया गया। उत्खनन में प्राप्त महत्वपूर्ण अवशेषों व पुराने ढांचों को देख पर्यटकों ने जिज्ञासा में कई प्रश्न पूछे। इस अवसर पर छपरा के विधायक डाॅ. सीएन गुप्ता, पूर्व विधायक ज्ञानचंद मांझी, भाजपा जिलाध्यक्ष रामदयाल शर्मा भी मौजूद थे।
चिरांद विकास परिषद ने बताई महत्ता
यह क्रूज पर्यटन यात्रा भारत और बांग्लादेश में गगा की जलधारा के साथ करीब चार हजार किमी से अधिक की दूरी तय करेगी। यात्रियों में भी कई ऐसे थे जो चिरांद के सबंध में जिज्ञासा व्यक्त कर रहे थे। चिरांद एक पुरातात्विक स्थल होने के साथ ही रामायण परिपथ की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थान है। गंगा सरयू और सोन की सगम पर स्थित इस प्राचीन स्थल के बारे में रामायण व रामचरित्र मानस जैसे ग्रंथों में भी वर्णन मिलता है। इस यात्रा में शामिल अधिकांश यात्री स्वीटजरलैंड के थे।
पर्यटकों का इन लोगों ने किया स्वागत
उक्त अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से एडीएम डाॅ. गगन, डीआरडीए के निदेशक बालदेव चैधरी, सदर अनुमंडल अधिकारी अरूण कुमार सिंह, प्रखड विकास पदाधिकारी विभूूति आनंद, सदर अंचल अधिकारी सत्येन्द्र कुमार सिंह, आरक्षी उपाधीक्षक मुनेश्वर प्रसाद सिंह, डोरीगंज थानाध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा, रिविलगंज थानाध्यक्ष ओम प्रकाश चैहान के अलावा चिरांद विकास परिषद के अध्यक्ष कृष्णकांत ओझा, सचिव श्रीराम तिवारी, कोषाध्यक्ष राशेश्वर सिंह, सदस्य रघुनाथ सिंह, श्याम बहादुर सिंह, जय दिनेश पांडेय, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि संजय कुमार, मनीष कुमार, सरपंच अजय मांझी, उमा मांझी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।