विश्वरैया भवन में लगी आग पर भी शुरू हुई राजनीति, इधर DG ने लगाई पुलिस महकमे को फटकार
पटना : बुधवार को अहले सुबह राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना अंतर्गत आने वाला विश्वरैया भवन में भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। वहीं, सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। इस आग का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। वहीं, इस आग लगने की घटना पर भी बिहार के राजनेताओं द्वारा राजनीति शुरू कर दी गई है। जहां विरोधी दल द्वारा आग बुझाने के लिए उपयोग किए गए गाड़ी को लेकर सवाल किया गया तो वहीं, सत्ता पक्ष द्वारा भी इसपर जोरदार पलटवार किया गया।
पहले, बिहार में सबसे बड़ी विरोधी दल राजद द्वारा अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज से पोस्ट किया गया कि पटना के विश्वशरैया भवन में लगी आग को बुझाने में पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी जी द्वारा हाजीपुर जिला प्रशासन को दी गयी अग्निशमन गाड़ियों को पटना बुलाया गया। इन्हीं अग्निशमन गाड़ियों ने आग बुझाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। और कुछ बेशर्म पूछते है, क्या काम किया? वही, कुछ विरोधी के नेताओं का यह भी कहना है कि यह आग तो जानबूझकर आग लगाई गई है।
वहीं, इसके बाद इसका जवाब देते हुए बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री के तरफ से कहा गया कि जिस संस्कृति और सोच के साथ प्रतिपक्ष ने काम किया है, उनको मौका मिला है तो जैसी सोच है वैसे ही न सोचेंगे।
डीजी ने लगाया बचाव कार्य में सहयोग नहीं करने का आरोप
इधर, इस घटना के बाद पहुंची फायर बिग्रेड विभाग की डीजी शोभा अहोतकर ने पटना पुलिस और प्रशासन पर राहत बचाव कार्य में सहयोग नहीं करने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा कि,घटना के काफी समय बाद पटना पुलिस का कोई भी अधिकारी वहां नहीं पहुंचा था। न ही कोई पुलिसकर्मी वहां नजर आ रहे थे। जिसके कारण भवन के आसपास बड़ी संख्या में लोग जुट गए, जिसके कारण राहत कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा। डीजी अहोतकर ने बताया कि मेरे यहां पहुंचने के बाद भीड़ को हटाया गया।
डीजी अहोतकर ने कहा कि बिहार के दूसरे विभाग अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं। सभी डिपार्टमेंट की अपनी जिम्मेदारी होती है। उनके क्या काम हैं इसके लिए पहले जाकर सभी को एसओपी पढ़ना चाहिए। जबकि इनके आरोप का जवाब देते हुए पटना के एसएसपी ने कहा कि वह जो भी आरोप लगा रही हैं, वह उनका जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है।
वहीं, पटना के जिला अधिकारी चंद्रशेखर प्रसाद ने कहा कि विश्वेशरैया भवन के पांचवें तल से आग लगना शुरू हुई थी, आग 7:00 बजे से लगना शुरू हुई और जैसे ही मुझे इस बात की जानकारी मिली मैंने तुरंत फायर बिग्रेड की गाड़ी को भेजने का काम किया।