विश्व बाघ दिवस पर केंद्रीय मंत्री चौबे ने वन कर्मियों को किया सम्मानित
बक्सर : केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने विश्व बाघ दिवस पर उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वनकर्मियों को सम्मानित करते हुए कहा कि वे इसका प्रयास करेंगे कि भविष्य में पुलिस व सैन्य कर्मियों की तरह वनों की रक्षा करने वाले वनकर्मियों को भी राष्ट्रपति पदक मिले। वन संपदा की रक्षा की लिए वनकर्मी जान की बाजी लगा देते हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च पुरस्कार के लिए मंत्रालय स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
वनकर्मियों को भी मिले राष्ट्रपति पदक पुरस्कार
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व उत्तराखंड रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में चौबे ने कहा कि वन्य जीवों का शिकार न हो, इसके लिए नियमित अभियान चलाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने मन की बात में एयर गन सरेंडर अभियान का जिक्र किया था। इस अभियान को गति देने की आवश्यकता है। मंत्री श्री चौबे ने केंद्रीय पर्यटन व रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट तथा अन्य अधिकारियों के साथ देश मे बाघों की अद्दतन स्थिति से संबंधित पुस्तक का लोकार्पण भी किया।
मालूम हो कि 9 अप्रैल, 2022 को, मैसूर में प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के जश्न के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बाघों की न्यूनतम आबादी 3167 होने की घोषणा की थी जो कि कैमरा-ट्रैप क्षेत्र से जनसंख्या का अनुमान है। अब, कैमरा-ट्रैप्ड और गैर-कैमरा-ट्रैप्ड बाघ उपस्थिति क्षेत्रों दोनों से भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा किए गए डेटा का आगे का विश्लेषण, बाघों की आबादी की ऊपरी सीमा 3925 और औसत संख्या 3682 बाघ होने का अनुमान है । प्रति वर्ष 6.1% की सराहनीय वार्षिक वृद्धि दर को दर्शाता है। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने इस मौके पर बच्चों में बाघ के संरक्षण व संवर्धन विषय पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में बेहतर करने वाले स्कूल बच्चों को सम्मानित किया।
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