ट्रंप हों या कोई और कश्मीर हमारा आंतरिक मसला, हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं : अमित शाह
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर 21 अक्टूबर को मतदान होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के महाबलिपुरम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। इसी बीच देश के गृहमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विदर्भ के बुलढाणा जिले के चिखली में एक चुनावी रैली में कहा कि कांग्रेस व एनसीपी हमेशा अनुच्छेद 370 को रद्द करने का विरोध किया। जबकि, जम्मू एवं कश्मीर में हजारों लोगों को आतंकवादियों ने मार दिया। जिसमें कि महाराष्ट्र के भी बहुत लोग थे।
अमेरिका व चीन को संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अनौपचारिक मुलाकात से पहले शाह ने कहा कि भले ही वह अमेरिकी राष्ट्रपति हों या कोई और पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा है कि कश्मीर हमारा आंतरिक मामला है और इसमें किसी भी देश के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। संभव है कि शाह के इस बयान को चीन के राष्ट्रपति से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि चीन कश्मीर मुद्दे पर हमेशा पाकिस्तान का समर्थन करता आया है।
एयर स्ट्राइक व राष्ट्रवाद को बनाया चुनावी मुद्दा
शाह ने कांग्रेस व एनसीपी कहा कि कांग्रेस के शासन में आतंकवादी हमारे सैनिकों की जान लेते थे और सरकार चुप रहती थी। लेकिन, अब समय बदला चुका है पीएम मोदी ने आतंकियों को और उसको पनाह देने वालों को उसी के भाषा में जवाब देना शुरू किया। हमारी सरकार ने उड़ी और पुलवामा हमले का बदला भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकियों को मारकर लिया। शाह ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा विचारधारा वाली पार्टी है। सभी का साथ सभी का विकास के साथ आगे बढ़ती है। भाजपा राष्ट्रवाद के साथ आगे बढ़ती है। जबकि, कांग्रेस परिवारवाद की राजनीति करती है।