रामचरित्र का स्मरण-कीर्तन मनुष्य को निर्मल कर ले जाता है श्रीराम के नजदीक
बक्सर : चिरांद में प्रारम्भ हुये कथा सत्र में अयोध्या से पधारे आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण जी ने कहा कि सरयू जी श्रीराम जी के मंगलमय यश की पवित्र धारा हैं जिनका पर्यवसान श्रीरामभक्ति की गंगा में होता है। श्रीरामचरित्र का स्मरण-कीर्तन मनुष्य को निर्मल करके श्रीराम के समीप ले जाता है। रसिकोपासना के आचार्यों ने रसरीति से भगवत्प्राप्ति की पद्धति देकर जीवों पर महान उपकार किया है।
कथा सत्र के दौरान लक्ष्मणकिलाधीश महान्त मैथिलीरमणशरण जी ने कहा कि स्वामी जीवारामजी महाराज ने अपनी विलक्षण भक्ति से श्रीरसिकशिरोमणिमन्दिर को तीर्थ का रूप देकर चिरांद गाँव समेत पूरे प्रान्त को गौरव का केन्द्र बना दिया। आज उनकी प्रदत्त उपासना का पूरे देश में प्रसार है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस कथा सत्र के पहले दिन सन्त-महन्तों के साथ स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही। उल्लेखनीय है कि चिरांद ग्राम में पाँच दिनों तक धार्मिक आयोजन चल रहा है जिसमें अनेक स्थानों से सन्त-भक्त एकत्रित हो रहे हैं।