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पीएम ने अयोध्या व करतारपुर के जरिये पाकिस्तान को दिखाई विविधता की ताकत

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार की शाम देश को संबोधित करते हुए अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में भारतीय लोकतंत्र की ताकत से विश्व को बंधुत्व का एक अद्भुत संदेश दिया। पीएम ने जहां देशवासियों को विभिन्नता में एकता की खूबसूरती याद दिलाई वहीं, आज 9 नवंबर की तारीख का महत्व भी समझाया। प्रधानमंत्री मोदी ने आज के दिन को अपने सिख भाइयों के लिए भी करतारपुर कॉरिडोर के हवाले से यादगार बताया। साथ ही पीएम मोदी ने ​आज ही के दिन बर्लिन की दीवार के गिरने और जर्मनी में दो विरोधी विचारों के सम्मिलन का जिक्र कर पाकिस्तान को भी विरोधी विचारधारा से बाहर निकल मिलकर आगे बढ़ने की सीख दी।

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है यह मामला सैंकड़ों वर्षों का एक दीर्घकालीन इतिहास है। पूरे देश की इच्छा थी की इस मसले पर हर दिन सुनवाई हो। और आज इस समस्या का आज समाधान हुआ है। भारत का लोकतंत कितना जीवंत है यह दुनिया ने आज मान लिया है। फैसला आने के बाद हर वर्ग हर जाती हर पंथ के लोगों ने इस फैसले को स्वीकार किया है।

विविधता में एकता

भारत जिसके लिए जाना जाता है वो है ” विविधता में एकता” हजारों साल बाद भी विविधता में एकता के प्राणतत्व को समझना होगा तो वो भारत के आज के इस घटना का ज़रूर उल्लेख करेगा। सवा करोड़ देशवासी आज एक नया इतिहास रच रहे हैं। इतिहास के अंदर एक नया स्वर्णिम पृष्ठ जोड़ रहे हैं। भारत के न्यायपालिका ने भी आज एक इतिहास रचा है सुप्रीम कोर्ट ने पूरे धैर्य से सुना और फैसला सर्वसम्मति से आया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने दृढ इच्छाशक्ति का परिचय कराया, इसलिए सभी अभिनन्दन के अधिकारी हैं।

करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत

दो विपरीत धाराओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया तथा आज करतारपुर कॉरिडोर भी शुरू हुआ है, जिसमें भारत ने भी और पाकिस्तान ने भी सहयोग किया है। आयोध्या के फैसले के साथ ही आज की यह तारीख मिलकर रहने, जुड़ने और जोड़ने का है तथा साथ चलने का सन्देश दे रही है। किसी के दिल में कोई कटुता रही है तो उसे तिलांजलि देने का दिन है। नए भारत में भय ,कटुता और नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं रहना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह सन्देश दिया है कि कठिन से कठिन फैसले का समाधान भारत के संविधान में ही है।

सौहार्द ,एकता ,शांति, सद्भाव , स्नेह

हमें अपना विश्वास और विकास इस बात से तय करना है की कोई पीछे तो नहीं छूट रहा है। सबको साथ लेकर आगे बढ़ते जाना है। राममंदिर का फैसला सुप्रीम कोर्ट दे दिया है इसलिए अब राष्ट्रनिर्माण की जिम्मेदारी और बढ़ गयी है। अब हर इंसान पर दायित्व बढ़ गया है। देश को सौहार्द ,एकता ,शांति, सद्भाव और स्नेह के साथ आगे बढ़ना है।