पर्यावरण संकट दूर करने को लेकर पर्यावरण भारती ने किया पौधारोपण
पटना : पर्यावरण भारती द्वारा पर्यावरण संकट दूर करने के लिए विश्व के महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी के जन्म दिन पर पटना महानगर के राजेन्द्र नगर शाखा मैदान में 55 पौधे लगाए गये। इस पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के पटना महानगर पेड़ उपक्रम प्रमुख शैलेन्द्र कुमार ने किया। वहीं, इस दौरान पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शान्डिल्य ने कहा कि विश्व के ख्यातिप्राप्त संत एवं पवित्र ग्रंथ राम चरित मानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदास जी के जन्म दिन पर पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ पुण्य कार्य है। आज पर्यावरण भारती द्वारा देव वृक्ष पीपल, बरगद, गूलर, पाकड, फलदार वृक्ष जामून, आम, औषधीय वृक्ष नीम, बहेड़ा, छतवन, अर्जुन के पौधों के साथ साथ पुष्प के पौधे भी लगाये गए।
भारत संतों का देश
इसके आगे शान्डिल्य ने कहा कि भारत संतों का देश है। आधुनिक काल में स्वार्थी मानव को गोस्वामी तुलसीदास जी ने भगवान श्री राम जी के जीवन से प्रेरणा लेने हेतु पवित्र ग्रंथ राम चरित मानस की रचना सहज भाषा में किए। गोस्वामी जी का जन्म उत्तर प्रदेश राज्य के चित्रकूट जिला के राजापुर गांव में 1511ई में श्रावण शुक्ल सप्तमी को हुआ था। उनके पिता आत्मा राम दूबे एवं माता हुलसी थीं। गोस्वामी तुलसीदास जी को जन्म लेते ही मुंह में दांत थे एवं धरती पर आते ही राम राम बोलने लगे। अतः उनको राम बोला नाम से पुकारने लगे। उनके जन्म के अगले दिन ही उनकी माता जी का निधन हो गया। पिता जी ने एक दासी को सौप कर सन्यासी बन गये।
गुरू नरहरि दास ने तुलसीदास को बनाया अपना शिष्य
5 बर्ष 6 माह के बाद दासी चुनिया भी संसार से चल बसी। अनाथ गोस्वामी तुलसीदास जी को गुरू नरहरि दास ने अपना शिष्य बनाया और नाम बदलकर तुलसीदास रखे। उन्हें साथ लेकर अयोध्या चले गए। 29 बर्ष की उम्र में पं दीन बंधु की कन्या रत्नावली से गोस्वामी तुलसीदास जी का विवाह हुआ। पत्नी के कहने पर संन्यासी बने। 1582 में राम चरित मानस लिखना प्रारंभ किये। उनकी अंतिम कृति विनय पत्रिका है। 1623 के श्रावण मास तृतीया को गोस्वामी तुलसीदास जी राम राम कहते हुए भौतिक शरीर का परित्याग किये। ऐसे तपस्वी महापुरुष के जन्म दिन पर वृक्षारोपण स्मरणीय कार्य है।
पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति के कमला देवी, भावना मिश्रा, गंगा समग्र के जय किशोर पाठक, इंजीनियर अमर्त्य कुमार, शिवान्श झा, बैंककर्मी चन्द्र मणि झा, रत्न मणि झा, शैलेन्द्र कुमार, पंचानन कुमार, सुमन कुमार, केदार प्रसाद, देवेन्द्र कुमार विद्यार्थी, भोला ठाकुर, उपेन्द्र गौतम, अभिषेक कुमार, दीपक कुमार इत्यादि ने भाग लिए।