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नीतीश ने दिया संकेत, ये हो सकते हैं उनके उत्तराधिकारी

पटना : बिहार कि राजनीति में बहुत बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। जहां सत्ता पक्ष जदयू द्वारा नीतीश कुमार के बाद उनके पार्टी का दामन कौन थामेंगे बात की चर्चा की जा रही है तो वहीं महागठबंधन से कांग्रेस के अलग होने के लिए भनक मिल रही है। हालंकि दोनों में से किसी बात का अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकीन इस बीच जदयू के मुखिया नीतीश कुमार ने अपने उत्तराधिकारी के नाम का अनौपचारिक घोषणा कर दिया है।

दरसअल नीतीश कुमार गुरूवार को जदयू पार्टी के दफ्तर में पहुंचे थे। वहां उनकी अपने समर्थकों के साथ काफी देर तक बैठक हुई। इसके बाद बैठक में मौजूद एक नेता ने बताया कि उसी दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि उनके बाद सब आरसीपी बाबू ही देखेंगे। ये पहला मौका था जब नीतीश कुमार ने ये संकेत दिया कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा।

जानकारी हो की नीतीश कुमार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ये कह चुके हैं कि यह उनका आखिरी चुनाव है। ऐसे में पार्टी नेताओं द्वारा मिली जानकारी के अनुसार यह बात सही भी हो सकती है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वैसे भी जदयू में सारा कुछ आरसीपी सिंह ही देखते हैं।

कौन है आरसीपी और क्या रहा राजनीतिक सफ़र

आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के गृह जिले के निवासी है। सिंह पूर्व आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। वे उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी थे। उस दौरान नीतीश कुमार केंद्र में रेल मंत्री थे तभी उनकी नजर आरसीपी सिंह पर पड़ी तो नीतीश कुमार ने उन्हें अपना आप्त सचिव बनाया। इसके बाद जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने आरसीपी सिंह को उत्तर प्रदेश से बुलाकर राज्य का प्रधान सचिव बनाया।

इसके बाद आरएसीपी सिंह 2010 में अपनी नौकरी से वीआरएस ले लिया और राज्यसभा जाने की इच्छा नीतीश कुमार के सामने रखा लेकिन इस दौरान नीतीश कुमार उनकी इस मांग से सहमत नहीं थे। लेकीन नीतीश कुमार को आरसीपी सिंह की जिद के आगे झुकना पड़ा और उनको राज्यसभा भेजना पड़ा। राज्यसभा जाने के उपरांत जदयू के सर्वेसर्वा आरसीपी सिंह ही बन गए।

इसके बाद पार्टी ने आरसीपी सिंह को और अधिक पदभार देते हुए संगठन महासचिव का पद दिया । इसके बाद आरसीपी सिंह और अधिक पावरफुल होते गए और वर्तमान में यह पार्टी में सबसे अधिक रुतबा रखते हैं। इस बात का अंदाज पार्टी द्वारा आयोजित किसी भी बैठक किया समारोहों में देखने को मिल जाता है। कार्यक्रमों में आरसीपी सिंह नीतीश के ठीक पहले भाषण देते हैं।

जानकारी हो कि सियासी प्रोटोकॉल के मुताबिक जो जितना बड़ा नेता होता है वो उतना बाद में बोलता है। इसलिए आरसीपी सिंह जेडीयू संसदीय दल के नेता ललन सिंह और पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी के बाद बोलते हैं। यानि पार्टी में उन्हें नीतीश कुमार के बाद सबसे बड़े नेता का दर्जा आरसीपी सिंह को पहले से ही मिला हुआ है।