नीतीश कैबिनेट बैठक के लिए बनी नई गाइडलाइन, इन चार बातों का रखना होगा ध्यान
पटना : बिहार के मंत्रिमंडल में शामिल पांच सदस्य कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसमें राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी समेत जनक राम, अशोक चौधरी और सुनील कुमार की रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद सरकार सतर्क हो गई है। वहीं, बढ़ते संक्रमण के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिलहाल कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों की मौजूदगी से परहेज करने लगें हैं। इसके बाद कैबिनेट की अगली बैठकें वर्चुअल मोड में होगी। बिहार सरकार के तमाम मंत्री अपने सचिवालय या आवासीय कार्यालय में बैठ कर वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे।
वहीं, इस बैठक में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि मंत्री की इस वर्चुअल बैठक की गोपनीयता बनी रहे, इसके लिए सरकार ने सख्त निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में मंत्री, विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव के अलावा कोई और नहीं रहेंगे। इनके अलावा अन्य लोगों के लिए बैठक की अवधि तक प्रवेश निषेध रहेगा। दूसरी बात यह है कि कैबिनेट की बैठक के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में किसी प्रकार की वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी प्रतिबंधित रहेगी।
इसके साथ ही मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा भेजी जानेवाली सामग्रियों को पूर्णत: गोपनीय रखा जाएगा। इसकी फोटो कॉपी करवाने पर मनाही होगी। चौथी और आखिरी हिदायत यह कि बैठक के बाद सभी सामग्रियां मुहरबंद लिफाफे में मंत्रिमंडल सचिवालय को वापस किया जाएगा।
गौरतलब है कि, देश समेत पुरे बिहार में इन दिनों कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता हुआ दिख रहा है। राज्य में आया दिन हजारों की संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। वहीं, बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर राज्य में नाइट कर्फ्यू लागू है। वहीं, सभी विश्वविद्यालयों और विद्यालय को भी ऑनलाइन बोर्ड में संचालित करने का निर्देश दिया गया।