आज 23 जनवरी को देश अपने महान क्रांतिकारी सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जयन्ती मना रहा है। बोस अपनी हिम्मत, साहस और दूरदृष्टि के चलते उन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए युवाओं को न केवल प्रेरित किया था। उनकी आजाद हिंद फौज की शक्ति की गूंज आज भी भारत के स्वतंत्रता इतिहास की बड़ी पूंजी मानी जाती है।
बोस के जयन्ती पर जगह-जगह विभिन्न तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। बोस के जयन्ती पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दक्षिण बिहार प्रान्त के द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए दक्षिण बिहार प्रान्त के सह संघचालक राजकुमार सिन्हा ने कहा कि आज के समय में रक्तदान के लिए समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है, इसलिए सबसे पहले रक्तदान के लिए स्वयं से शुरुआत करना होगा। उनका कहना था कि ‘स्वयं जागकर, जगाना देश है अपना’। इस संदर्भ में उन्होंने 1962 तथा 1971 के युद्ध में भारतीय सैनिकों को रक्त की आवश्यक्ता एवं रक्त की उपलब्धता तथा वर्तमान में समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता पर बल दिया।
दक्षिण बिहार प्रान्त के द्वारा 150 जगहों पर रक्तदान शिविर लगाया गया। जिसमें सैंकड़ों लोगों ने रक्तदान किया। इस कार्यक्रम में पीएमसीएच के चिकित्सकों के टीम की पूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम में डॉ विनय कारक, उत्तर पूर्व क्षेत्र के कार्यवाह डॉ मोहन सिंह, सह प्रान्त कार्यवह डॉ विनायक पद्ममाकर, प्रान्त कार्यकारिणी सदस्य रमाकांत सिन्हा, महानगर महाविद्यालयीन विद्यार्थी सह कार्य प्रमुख गोपाल शर्मा आदि उपस्थित थे।