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मिशन निपुण : राज्य में 55,365 शिक्षक होंगे बहाल

पटना : कोरोना महामारी के वजह से पटरी से उतरी राज्य की शिक्षा व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसकी एक झलक बिहार बजट में भी देखने को मिला है। बिहार सरकार ने सब पढ़ें, सब बढ़ें के मूल मंत्र को अपनाते हुए डिजिटल या फिर ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा को जोड़े रखने और उसका दायरा बढ़ाने पर खूब फोकस किया है।

बिहार सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का ध्यान रखते हुए राज्य के बच्चों के लिए मिशन निपुण कार्यक्रम पर अधिक जोड़ दिया है। यही कारण है कि सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के बजट में बढ़ोतरी की गई है। इस बार का शिक्षा बजट 39201 करोड़ रुपए रखें गए हैं।

सरकार ने शिक्षा के सभी सेक्टर को डिजिटल या फिर आनलाइन माध्यम से जोड़े रखने की पहल

इसके साथ ही सरकार ने अपने बजट में सामान्य से लेकर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा में बदलाब आने का रूपरेखा तैयार किया है। जिसका विस्तार शिक्षा, तकनीकी शिक्षा जैसे महकमों के बजट में देखने को मिलेगा। सबसे अच्छी बात यह कि नीतीश सरकार ने शिक्षा के सभी सेक्टर को डिजिटल या फिर आनलाइन माध्यम से जोड़े रखने की पहल की गई है।

बिहार सरकार के तरफ मिशन निपुण कार्यक्रम में 3 साल से 9 साल तक के बच्चों को उम्र और कक्षा के हिसाब से संख्या अक्षर ज्ञान बेहतर करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलेगा। इसके साथ ही बच्चों को पढ़ने में रुचि बढ़ाने के लिए शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, सरकार ने इस बजट में दावा किया है कि राज्य के स्कूल में अभी लगभग 40 बच्चों पर एक शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। हाई स्कूल में छठे चरण के तहत 3,27,14 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। प्राथमिक स्कूलों में 40,558 प्रधान शिक्षक और हाई स्कूलों में 6,421 प्रधानाध्यापक नियुक्त होंगे। मध्य विद्यालयों में 8,386 शारीरिक शिक्षा व स्वास्थ्य अनुदेशक के पद सृजित किए गए हैं इन पदों पर बहाली होनी है।

जबकि 5682 आंगनबाड़ी केंद्र जो विद्यालय परिसर में संचालित है वहां की आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक जिले के 11 हाई स्कूल यानी कुल 38 स्कूलों को चिन्हित कर मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। कमजोर वर्ग के लड़कियों का स्कूल से ड्रॉपआउट रोकने के लिए 535 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 50 हज़ार 963 बालिकाएं का नाम अंकित है।