क्या है राहुल की तीर्थयात्रा के दौरान नॉनवेज खाने का सच?
पटना : कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नॉनवेज खाने से संबंधित खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस खबर में राहुल गांधी को काठमांडू में एक होटल में वेटर को नॉनवेज का आॅर्डर देते हुए बताया गया है। इस वायरल खबर को नेपाल और भारत के मीडिया जगत ने हाथोंहाथ लिया। विरोधियों, खासकर भाजपा ने प्रश्न किया—नॉनवेज खाकर यह किस प्रकार का तीर्थाटन कर रहे हैं कांग्रेस अध्यक्ष। आइए जानते हैं इस वायरल खबर का सच।
क्या है ताजा विवाद और इसमें कितनी सच्चाई?
दरअसल कैलाश—मानसरोवर यात्रा शुरू करने से पहले राहुल गांधी काठमांडू पहुंचे। वहां उन्होंने शाम को एक होटल में डिनर किया जिसमें नॉनवेज को शामिल किया गया। वहां उन्होंने चिकन मोमो, चिकन कुरकुरे और बंदेल की डिश आॅर्डर की थी। इसी मौके को लेकर एक खबर नेपाली मीडिया से छनकर बाहर निकली। फिर तो भारतीय मीडिया ने भी इसे लपक लिया। हालांकि बाद में होटल की तरफ से उसके फेसबुक पेज पर यह सफाई दी गयी कि राहुल ने वहां वेज खाना खाया था।
लेकिन इसके ठीक बाद होटल के वेटर ने मीडिया में बयान दिया कि उन्होंने नॉनवेज का ही आर्डर दिया था। होटल और उसके वेटर के अलग—अलग दावों से सवाल उठना लाजिमी है। क्योंकि राहुल गांधी जबसे कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं, हिंदू मंदिरों—मठों एवं तीर्थस्थलों में जाने का एक भी मौका नहीं छोड़ते। कैलाश मानसरोवर की ताजा यात्रा भी उनकी उसी मुहिम की नई कड़ी है। अभी कल ही बिहार कांग्रेस के प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा था कि शिवभक्त राहुल के तीर्थाटन पर जाने को भाजपा नेता पचा नहीं पा रहे और उनके खिलाफ ऊल—जुलूल बयान दे रहे हैं। कादरी ने आगे कहा कि तीर्थाटन पर गए राहुल का अपमान—भगवान शिव का अपमान है। लेकिन राजनीतिक लाभ उठाने की चाहत में लगी कांग्रेस इस वायरल खबर को लेकर विरोधियों को कोई और मौका नहीं देना चाहती। तभी तो उसने इसे एक साजिश और ओछी हरकत करार दिया है।