इधर पानी बढ़ा, उधर ‘पारा’, बाढ़ग्रस्त इलाके में बुरे फंसे नेताजी
पटना : जैसे—जैसे बिहार की नदियों का पानी बढ़ रहा है, वैसे—वैसे बाढ़ पीड़ितों का पारा भी चढ़ने लगा है। चौतरफा आई बाढ़ की आफत ने कल देर शाम मधुबनी और अररिया के लोगों का धैर्य भी लील लिया। नतीजा नेताओं को भुगतना पड़ा। मधुबनी में जहां सांसद के साथ बाढ प्रभावितों ने धक्का—मुक्की की, वहीं अररिया में लोगों ने सांसद का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।
मधुबनी में सांसद से दुव्यर्वहार, धक्का—मुक्की
जानकारी के अनुसार कमला बलान नदी का बांध टूटने की खबर मिलने के बाद झंझारपुर के सांसद रामप्रीत मंडल हालात का जायजा लेने नरुआर गांव पहुंचे थे। वहां उन्हें बाढ़ प्रभावित लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वहां लोगों का हाल जानने के बाद सांसद जब वापस आने लगे तो लोगों ने तरह—तरह की डिमांड रखी। सांसद लोगों को रेस्कयू ऑपरेशन चलाने पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दे सके। इसपर बाढ़ प्रभावित लोग भड़क उठे और सांसद के साथ धक्का—मुक्की शुरू कर दी। किसी तरह सांसद को बचाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
अररिया में बाढ़ पीड़ितों ने सांसद को घेरा
इधर अररिया में फारबिसगंज प्रखंड मुख्यालय पर लाठी डंडे से लैस बाढ़ पीड़ितों ने वहां के सांसद को रविवार की शाम घेर लिया। लोगों ने बाढ़ राहत की सामग्री उनतक नहीं पहुंचने की सांसद से शिकायत की। यहां भी सांसद कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। इसपर बाढ़ प्रभावित गरम हो गये और सांसद के साथ दुव्यर्ववहार करने लगे। लोगों ने इस दौरान सांसद महोदय को जमकर खरी—खोटी सुनाई।
वोट क्या इसी दिन के लिए दिया था?
फारबिसगंज में लोग इतने गुस्से में थे कि उन्होंने सांसद को गांव—गांव घूमने पर मजबूर कर दिया। बाढ़ पीड़ितों ने सांसद से कहा कि क्या हम इसलिए वोट देते हैं? हमारे साथ चलकर इलाके गांव—गांव में देखिए कि बाढ़ से हमारा कितना बुरा हाल है। पीड़ितों के दबाव में सांसद को प्रभावित गांवों का दौरा करना पड़ा। जल्द से जल्द हरसंभव मदद का भरोसा दिलाने के बाद सांसद की जान छूटी।