केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले को लेकर एफ आई आर दर्ज की है। CBI ने एबीजी शिपयार्ड और उसके निदेशकों के खिलाफ 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में FIR दर्ज की है।
एजेंसी को एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी को SBI के साथ ही 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 2468.51 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी थी। फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि 2012 से 2017 के बीच आरोपियों ने मिलीभगत कर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। फ्रॉड के सारे रुपये को को विदेशों में इन्वेस्ट किया गया।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि ‘शनिवार को सूरत, भरूच, मुंबई, पुणे आदि में एक निजी कंपनी, निदेशकों सहित आरोपियों के परिसरों में 13 स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए।’ इस घोटाले को लेकर एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के तत्कालीन चेयरमैन व प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल, तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संतनाम मुथुस्वामी, निदेशक अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवतिया एवं एबीजी इंटरनेशनल प्रा. लि. नामक कंपनी पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसबीआई की शिकायत के मुताबिक कंपनी के पास ICICI बैंक के 7089 करोड़, IDBI बैंक के 3634 करोड़ रुपये, BOB के 1614 करोड़ रुपये, PNB के 1244 करोड़ और 1228 करोड़ रुपये इंडियन ओवरसीज बैंक के हैं।