तालिबानी शासन वाले अफगानिस्तान को भी वैक्सीन देकर भारत ने दिखाया बड़ा दिल- सुमो
राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भारत ने अफगानिस्तान के कट्टरपंथी तालिबानी शासन को मान्यता नहीं दी, लेकिन वहां की पीड़ित जनता के लिए कोरोना वैक्सीन की 5 लाख डोज और डेढ़ टन जीवन रक्षक दवाओं की पहली खेप भेज कर मानवता की सेवा को धर्म की राजनीति से ऊपर रखा।
अफगानिस्तान को वैक्सीन की कुल 10 लाख डोज और गेहूँ की आपूर्ति का निर्णय विदेशी मीडिया के उस झूठ को बेनकाब करता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक छवि को धूमिल करने के लिए गढ़ा जाता है।
सुमो ने कहा कि कोरोना महामारी की शुरुआत में, जब इसका टीका नहीं बना था, तब भारत ने अमेरिका, ब्राजील सहित कई देशों को एहतियात के रूप में मलेरिया की दवा भेज कर मानवता की सेवा की। भारत में कोवैक्सीन और कोविशील्ड विकसित करने के बाद सरकार ने अपने नागरिकों को वैक्सीन लगवाने के साथ-साथ 6.6 करोड़ डोज वैक्सीन का निर्यात किया एवं 150 से ज्यादा देशों को दवा भेजकर मदद की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना काल में किसी देश का धर्म, नस्ल, रंग, संस्कृति , भाषा आदि के आधार पर भेदभाव किये बिना वैक्सीन मैत्री नीति के तहत दुनिया की सहायता की। भारत वर्ष 2022 में विश्व के लिए वैक्सीन की 500 करोड़ डोज का निर्माण करेगा।