पटना : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अरविन्द कुमार सिंह ने रामायण के पात्र का उदाहरण देते हुए नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा है। सिंह ने कहा कि संपाती जटायु का भाई था। उड़ान की उसमें नयी ऊंचाइयां नापने की क्षमता थी, उसकी उड़ान ऊंची थी, किन्तु उसकी उड़ान से भी अधिक ऊंची थी उसकी महत्वाकांक्षा की उड़ान।
एक दिन उसकी आत्ममुग्ध महत्वाकांक्षा ने उड़ान भरी …उसने घोषित किया कि वह उड़ कर सूरज तक जाएगा। वह उड़ा पर सूरज की ओर जैसे ही बढ़ा तापमान बढ़ता गया अभी सूर्य तो योजनो दूर था, पर तापमान से वह झुलसने लगा, फिर सूर्य के तापमान से उसके पर जल गए और वह धरती पर आ गिरा। शेष जिन्दगी संस्मरण सुनाने को..शेष जिन्दगी विकलांगता में गुजारने को।
अरविन्द सिंह ने कहा कि मुझे बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जो सदन में सम्पाती मनोरोग से ग्रस्त दिखते हैं, अतिमहत्वाकांक्षी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की महत्वाकांक्षी अहंकार के पर जल जायेंगे। वह धरती पर गिरेंगे और फिर संस्मरण सुनायेंगे। वह राजनीतिक नृत्य कर रहे हैं, नृत्य की तरह भाव भंगिमाएं बदल रहे हैं, आन्दोलन नहीं कर रहे। अब राजनीतिक सम्पाती नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूर्य की ओर उड़ान भरने की घोषणा की है।
सिंह ने कहा कि भारतीय राजनीति की एक नयी कम्पोस्ट खाद तैयार हो रही है नेता प्रतिपक्ष की गरिमा को खंडित करना, एक उपजाऊ मर्यादा की धरातल छोड़ी जायेगी।