मुजफ्फरपुर : कटरा थाना क्षेत्र में हुई घटना बिहार में शराबबंदी कानून को माखौल उड़ रही है। सरकार शराबबंदी लागू करने के लिए प्रशासन पर लगातार दबाव बना रही है। बावजूद इसके उत्तर बिहार के जिलों में नकली और असली शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। हालांकि प्रशासन इस बात को मानने को तैयार नहीं है। लेकिन मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड के दरगाह गांव में 5 लोगों की हुई मौत सरकार और प्रशासन के सारे दावे को झुठला दिया है।
जिस परिवार के लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों का स्पष्ट कहना है कि 5 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है ,शराब बंदी के बावजूद शराब असली-नकली गांव देहात में बिक रहे हैं। असली और नकली शराब की बिक्री और पीने का काम बे रोक-टोक हो रही है। कटरा के गांव में 5 लोगों की मौत और उनके परिजनों की कही हुई बातें इस बात को प्रमाणित करती है।
गंगया देवी, मृतक के परिजन :
-खेलावन मांझी, मृतक के परिजन। उधर पुलिस सब कुछ जानते हुए भी इस बात को मानने को तैयार नहीं है, कि लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी की मानें तो वे भी 5 लोगों की मौत की पुष्टि कर रहे हैं, लेकिन उनकी मौत शराब से हुई है।
इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। हालांकि इस घटना के बाद पुलिस क्षेत्र में चल रहे शराब के अड्डों पर छापेमारी कर रही है, और क्षेत्र के सक्रिय शराब धंधेबाजों को खोजा जा रहा है। पुलिस का यह कार्रवाई यह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि 5 लोगों की मौत का कारण शराब ही है,लेकिन अपनी नाकामी और सरकार के सामने शराब बंदी कानून की उड़ रही धज्जियां पर पर्दा डालने के लिए पुलिस ने यह मानने को तैयार नहीं है, कि 5 लोगों की हुई मौत का कारण जहरीली शराब है।चौकीदार के बयान पर अज्ञात के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गई।
कटरा थाना क्षेत्र के दरगाह गांव में हुई मौत 48 घंटे बाद भी रहस्यमय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर जहां जहरीली शराब को कारण माना जा रहा है। वहीं स्वजनों द्वारा बीमारी का हवाला देकर कांड की इतिश्री करने की पहल जारी है। लोग जांच के तरीके पर भी सवाल उठा रहे हैं। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी ने कटरा में 5 लोगों की हुई मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, पार्टी के प्रवक्ता वेद प्रकाश ने कहा कि प्रशासन की ओर से बीमारी से मौत का दावा किया जा रहा है लेकिन जहरीली शराब पीने से मौत हुई है।
सुनील कुमार अकेला की रिपोर्ट