गांधी जी की कांग्रेस शराबबंदी की पक्षधर, अब कर रही विरोध
पटना : बिहार में इन दिनों शराबबंदी कानून को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। विपक्ष द्वारा इस कानून को वापस करने की मांग की जा रही है तो वहीँ सतापक्ष द्वारा इस कानून के फायदे को बताया जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा के राज्यसभा सदस्य और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट करते हुए विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला है।
सुशील मोदी ने कहा कि यह विडम्बना ही है कि जिस कांग्रेस की सदस्यता लेने के लिए मदिरा सेवन नहीं करने का प्रण लेना आवश्यक है, वही राजनीतिक लाभ लेने के नशे में शराबबंदी समाप्त करने और मदिरालय खोलने की दलील दे रही है। गांधी जी की कांग्रेस शराबबंदी की पक्षधर थी, राहुल गाँधी की कांग्रेस शराब माफिया की राजनीतिक मदद कर रही है। पूर्ण मद्यनिषेध पर महात्मा गांधी ने काफी जोर दिया,उसे उनके प्रदेश गुजरात में लगातार लागू रखने का साहस वहां के मुख्यमन्त्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने ही दिखाया। बिहार दूसरा बड़ा राज्य है, जहां पूर्ण मद्यनिषेध लागू किया गया।
उन्होंने कहा कि बिहार में शराब की तस्करी और जहरीली शराब से मौत की घटनाएँ दुखद हैं, लेकिन इससे न मद्यनिषेध की नीति और कानून को गलत बताया जा सकता है, न सरकार की मंशा पर सवाल खडे़ किये जाने चाहिए। हत्या, बाल श्रम, दहेज प्रथा और कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयां यदि इनके विरुद्ब बने कड़े कानूनों के बावजूद जारी हैं, तो क्या ऐसे कानून समाप्त कर सरकार को कानून तोड़ने वालों के आगे घुटने टेक देने चाहिए? कांग्रेस, राजद और उसके समर्थक केवल विरोध के लिए विरोध करने पर उतारू हैं। वे सरकार का नहीं, समाज की सज्जन शक्तियों का विरोध कर रहा है।