फर्जी नर्सिंग होम का भंडाफोड़ करने वाले पत्रकार और RTI एक्टिविस्ट की सनसनीखेज हत्या
पटना/मधुबनी : मधुबनी के बेनीपट्टी में मेडकल माफिया के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाने वाले पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश की अपहरण के बाद हत्या कर दिये जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जाता है कि बुद्धिनाथ झा ने बेनीपट्टी में कुछ फर्जी नर्सिंग होम के खिलाफ सबूत जुटाए थे और उसने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। इस कारण मेडिकल माफिया वाले उससे खफा थे। बीते 9 नवंबर को अचानक श्री झा लापता हो गए। अब 4 दिन बाद श्री झा का शव स्टेट हाइवे 52 के किनारे एक बोरे से अधजली हालत में पुलिस ने बरामद किया है।
मेडिकल माफिया पर घूम रही शक की सुई
आशंका जताई जा रही है कि 9 नवंबर की देर शाम को बुद्धिनाथ झा का अपहरण कर लिया गया। इसके बाद उनकी हत्या कर शव को बोरे में बंदकर उसमें आग लगा दी गई और सड़क किनारे फेंक दिया गया। पत्रकार के परिजनों ने बेनीपट्टी थाने में बुद्धिनाथ झा के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने फिलहाल अपहरण की रिपोर्ट को मर्डर में तब्दिल की नए सिरे से जांच शुरू की है। पुलिस टीम सोशल मीडिया और आरटीआई समेत कई पहलुओं को खंगाल रही है। फिलहाल शक की सुई मेडिकल माफिया की तरफ घूम रही है।
तेजस्वी ने सीएम और मंत्रियों पर लगाए आरोप
मृतक के परिजनों का कहना है कि बुद्धिनाथ झा आरटीआई एक्टिविस्ट के रूप में काम करता था और इसी सिलसिले में उसकी साजिशन अपहरण के बाद हत्या की गई है। इधर इस मामले को आज रविवार को नेता प्रतिपक्ष ने भी पटना में उठाते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्हों बिहार में क्राइम और हत्या के बढ़ते मामलों के लिए सीधे—सीधे सीएम नीतीश और उनके मंत्रियों को जिम्मेवार ठहराया।