दिव्यांग को नहीं मिल सहायता सरकारी सहायता, 3 साल से लागा रहा चक्कर
वैशाली : महुआ प्रखंड क्षेत्र के मानपुरा गांव के 25 वर्षीय दिव्यांग कौशल सैनी की मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए कई प्रकार की विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन अभी भी इन योजनाओं का सही प्रकार से लाभ दिव्यांगों को नहीं मिल पा रहा है।
महुआ प्रखंड क्षेत्र के मानपुरा गांव निवासी भोला सहनी के पुत्र मुकेश सहनी मुंबई में दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। लेकिन करीब 3 साल पहले कौशल साहनी को लकवा का अटैक आया और एक हाथ और एक पैर ने काम करना बंद कर दिया।
वहीं 3 साल बीत जाने के बावजूद कौशल साहनी की मदद सरकार द्वारा नहीं की गई है। इस कारण बस कौशल गरीबी में जिंदगी जीने को विवश हो गए हैं।
इधर, कौशल के परिजनों ने बताया कि लकवा ग्रस्त होने के उपरांत जब वह घर पहुंचा तो घर में भी तंगी के कारण पूरे परिवार को खाने पाने की समस्या आने लगी। इसके उपरांत उसके पत्नी ने भी साथ छोड़ दिया और अपने 4 वर्षीय पुत्र को लेकर मायके चली गई।
कौशल की मदद करने के लिए अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधि आगे नहीं आया है। कौशल ने अपनी गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी से लेकर अंचलाधिकारी तक पत्र भी लिख चुका है। इसके बावजूद अभी तक कोई सरकारी सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई है।
दिव्यांग कौशल कुमार का कहना है कि उनके द्वारा 2 महीने पहले मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार से उनकी बस यही मांग है कि उनको दिव्यांग पेंशन के साथ-साथ एक स्कूटी मिल जाए ताकि वह फिर से अपना रोजगार शुरू कर सके।


