अफ्रीका से भारत लाए चीते ने दिया चार शावकों को जन्म
नयी दिल्ली/बक्सर: पीएम मोदी के जन्मदिवस पर अफ्रीकी देश नमीबिया से भारत लाए गए 8 चीतों में से एक मादा चीते ने बुधवार को चार शावकों को जन्म दिया। यह भारत से विलुप्त हो गए वन्यजीव चीतो के देश में फिर से संवर्द्धन की दिशा में बड़ी खुशखबरी है। यह जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने प्रधानमंत्री को बधाई दी और कहा कि ंष्उनके सतत प्रयास एवं दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से भारत में चीतों का पुर्नवास संभव हुआ है।
वन्य जीव संरक्षण का ऐतिहासिक क्षण: अश्विनी चौबे
श्री चौबे ने कहा कि देश में वन्य जीव संरक्षण व संवर्धन में चीते के चार शावकों के जन्म की घटना महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा। यह भारत के वन्य जीव संरक्षण के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक है। प्रधान मंत्री जी ने 17 सितंबर 2022 को अपने जन्मदिन के मौके पर नामीबिया से आये इन 8 चीतों को मध्य प्रदेश के एक अभयारण्य में छोड़ा था। इन्हीं में से एक मादा चीते ने चार शावकों को जन्म दिया है।
जुड़ने लगी जैव विविधता की सदियों पहले टूटी कड़ियां
अश्विनी चौबे ने आगे कहा कि चीता शावकों का जन्म भारत में वन्य जीव संरक्षण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे भारत में दशकों पहले जैव विविधता की जो पुरानी कड़ी टूट कर विलुप्त हो गई थी, उसे स्थापित करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयास व मार्गदर्शन में आज प्रोजेक्ट टाइगर, प्रोजेक्ट हाथी, प्रोजेक्ट चीता, प्रोजेक्ट लॉयन लगातार बेहतर परिणाम दे रहे हैं। इतना ही नहीं वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जनता में भी जागरूकता आई है।
प्रोजेक्ट टाइगर व प्रोजेक्ट हाथी पर इंटरनेशनल सम्मेलन
मंत्री चौबे ने जानकारी दी कि प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने पर 9 अप्रैल को मैसूर कर्नाटक में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसका उदघाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी करेंगे। प्रोजेक्ट एलिफेंट के 30 साल पूरे होने पर भी काजीरंगा असम में भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश की राष्ट्रपति 6 व 7 अप्रैल को शिरकत कर रही हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत में अब पर्यावरण एवं वन्य जीव संरक्षण के प्रति लगातार सकारात्मक अभियान का असर दिखने लगा है।