BPSC पर्चा लीक में गिरफ्तार BDO का भ्रष्टाचार से है पुराना नाता, पहले भी हो चुके हैं जेल
पटना : बीपीएससी पर्चा लीक मामले में गिरफ्तार हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी जयवर्धन गुप्ता का भ्रष्टाचार से पुराना नाता है। इस पदाधिकारी को जब 2018 में पटना जिले के घोसवरी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी थे। उस समय उन पर एक व्यक्ति से रिश्वत लेने का आरोप लगा था। जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
उस दौरान जयवर्धन ने विकास योजनाओं की स्वीकृति देने और पेमेंट करने के एवज में रिश्वत मांगी थी। जिसके बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत निगरानी विभागसे की था। इसी शिकायत के आधार पर अगस्त 2018 में निगरानी की टीम ने पटना के मोकामा में छापेमारी की और जयवर्धन गुप्ता 1 लाख रुपए घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद कई अन्य लोगों ने भी कथित रूप से जयवर्धन पर कई गंभीर आरोप लगाए। हालांकि उन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद अब फिर से जयवर्धन बुरे फंसे हैं। इस बार भी उनका नाम बीपीएससी पर्चा लीक में आया है। बड़हरा प्रखंड के बीडीओ के रूप में पदस्थापित जयवर्धन गुप्ता आरा में परीक्षा केंद्र पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे। आरा के वीर कुंवर सिंह परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक का मामला सामने आया था और गुप्ता इसी केंद्र पर परीक्षा मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे। गुप्ता के पुराने इतिहास को देखते हुए इस बार पर्चा लीक में उनकी संलिप्तता उजागर हुई है।