बिहार के प्रयाग सिमरिया में साहित्य महाकुंभ और बापू की रामकथा
पटना : बिहार के प्रयाग सिमरिया में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में साहित्य महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। 1 से 9 दिसंबर तक चलने वाले समारोह में पूज्य मोरारी बापू द्वारा रामकथा तथा अपराह्न में साहित्य महाकुम्भ का सत्र चलेगा। इस दौरान सांस्कृतिक ओलम्पिक का भी आयोजन किया जाएगा। साहित्य महाकुंभ में विश्व के 167 देशों के एनआरआई साहित्यकार, पत्रकार और धर्मावलंबी भाग लेंगे। देश भर के धर्म, साहित्य और सांस्कृति से जुड़े लोग इसमें मौजूद रहेंगे। आयोजन में भारतीय संस्कृति पर विश्व के कई देशों के संस्कृति प्रेमी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगें।
सिमरिया राम कथा सह साहित्य महाकुंभ आयोजन समिति का अध्यक्ष पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. कर्ण सिंह को बनाया गया है। गौरतलब है कि 3 वर्ष पूर्व बिहार के राजगीर (वीरायतन) में जैन धर्मावलम्बियों द्वारा आयोजित रामकथा के दौरान मोरारी बापू ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मस्थली सिमरिया में रामकथा के साथ साहित्य महाकुंभ करने की इच्छा प्रकट की थी। इस विराट आयोजन का सौभाग्य बिहार मूल के उद्योगपति विपिन ईश्वर को मिला है। वे इसकी तैयारी में तन्मयता से जुट गए हैं।
टेंट सिटी बसेगी, बुनियादी व्यवस्था पर काम जारी
सिमरिया में लोगों के रहने—ठहरने की व्यस्था के लिए टेंट सिटी का निर्माण किया जा रहा है। जापान और कोरिया की कंपनी टेंट सिटी के निर्माण में लगी है। 6 किलोमीटर में टेंट सिटी बसाया जाएगा। साथ ही सभी बुनियादी सुविधाओं पर काम शुरू हो गया है। राम कथा और साहित्य महाकुंभ में करीब 1 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसको लेकर 1 करोड़ लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है। 45 टन घी का प्रबंध किया गया है। प्रसाद जैविक खेती उत्पन्न पदार्थों से तैयार किया जाएगा। इसको लेकर मोतीहारी और समस्तीपुर में सैकड़ों एकड़ भूमि में जैविक खेती की जा रही है। साहित्य महाकुंभ में हिन्दु, मुस्लिम, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के संत और अनुयायी शामिल होंगे। भारत के महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, देश के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि (पंचायत स्तर तक) एवं सभी संवैधानिक पदों पर आसीन गणमान्य व्यक्तियों को निमंत्रित किया गया है। देश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भी आमंत्रण दिया गया है। विश्व एवं देश के सभी धर्मों के प्रमुख साहित्यकार,कलाकार एवं संस्कृति कर्मी को आमंत्रित किया गया है।