पटना : बिहार सरकार के सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट और डॉक्टर सोसाइटी के तत्वाधान में राजधानी के निजी होटल में बच्चों के यौन उत्पीड़न पर प्रोग्राम हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के खिलाफ हो रहे लैंगिक, सामाजिक, घरेलू हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरूक करना था। इस कार्यशाला में देश-विदेश के कई एनजीओ समेत पटना के नामी-गिरामी स्कूलों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएमसीएच के शिशु विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. निगम प्रकाश नारायण ने कहा कि 2007 के एक आंकड़े के मुताबिक भारत के 50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों का कभी न कभी यौन शोषण हो चुका रहता है। यानी हमारे देश के बच्चों का लगातार यौन उत्पीड़न होता रहता है और हम इन सबसे अनजान बने रहते हैं। सबसे डराने वाली बात तो ये है कि इन 50 प्रतिशत मामलों में से 20 प्रतिशत मामलों में सीवियर सेक्सुअल एब्यूज के होते हैं। डॉ निगम ने कहा कि ऐसी स्तिथि में सरकार ,समाज और देश सभी संगठनों का दायित्व बनता है की इसे रोका जाय। बिहार की बात करते हुए डॉ. निगम ने कहा कि बिहार का सामाजिक परिवेश ऐसा है कि यहां इस तरह के मामले प्रकाश में नहीं आ पाते हैं। देश का कानून बच्चों को लेकर बेहद गंभीर है, लेकिन कानून की जानकारी के अभाव में कई बार लोग कोई करवाई नही कर पाते हैं। दरसअल बिहार में चाइल्ड2लेबर, चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज औऱ बच्चों के ऊपर हो रहे हिंसा को लेकर जैसा रुख समाज का होना चाहिए वैसा दिखता नहीं है। बिहार जैसे राज्य में बच्चों से जुड़े हर मुद्दे पर काउंसिलिंग होनी चाहिए ,सरकार को भी अपना सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में बच्चों की सुरक्षा को लेकर न तो पुलिस ट्रेंड है और न ही डॉक्टर। लोगों कि गलतफहमी है कि बिहार में इस तरह के केस नहीं होते हैं। केस होते हैं लेकिन उसकी रिपोर्टिंग यहां नहीं हो पाती है। आज का यह कार्यक्रम बच्चों के यौन उत्पीड़न रोकने और उनके हर तरह के संरक्षण के लिए किया गया है।
मानस द्विवेदी
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