आने वाली पीढ़ी को आपातकाल की याद रहे, इसलिए भाजपा मना रही काला दिवस
पटना : इंदिरा गांधी हिटलर जैसा तानाशाह थी। उनका यह रवैया आपातकाल के दौरान साफ साफ मालूम चलता है। बीजेपी द्वारा 1975 के आपातकाल की याद में मनाये जा रहे ‘भारतीय लोकतंत्र का एकमात्र काला दिवस’ के अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। यह कार्यक्रम बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के फोटो पर पुष्पअर्पित कर की गई।
मोदी ने कहा कि बीजेपी इस दिन को काला दिवस के रूप में इसलिए मनाती है, ताकि आने वाली पीढ़ी को इसकी जानकारी हो और आने वाली कोई भी सरकार ऐसा करने की सोच भी न रखे। साथ ही यह भी कहा कि हमें अफसोस नहीं कि हमने देश की आजादी के लड़ाई में भाग नही लिया। इसकी पूर्ति मैंने जयप्रकाश आंदोलन में भाग लेकर कर ली है।
सुशील मोदी ने बताया कि दिल्ली बहादुर शाह जफर मार्ग की बिजली तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर 25 जून 1975 को आपातकाल लागू होते ही काट दिया गया, ताकि अखबारों की छपाई न हो और लोगों तक आपातकाल की खबर न पहुँचें। इमरजेंसी लागू होने के पश्चात अखबारों पर सेंसरशिप लगा दिया गया, वाल राइटिंग और पंपलेट पर भी रोक लगा दी गयी। साथ ही यह भी भी कहा गया कि संसद की बहस को समाचार पत्रों में नहीं छाप सकते और कोई भी राजनीतिक खबर बिना सरकार के इजाजत के नहीं छाप सकते।
बीजेपी ने शुरू की है जेपी पेंशन योजना
बिहार में 2005 में एनडीए की सरकार बनी। तब बीजेपी ने जेपी आंदोलन के समय जेल में रहे आंदोलनकारियों के लिए एक पेंशन योजना की शुरुआत की।इसमें जिन आंदोलनकारियों ने 6 महीनों से ज्यादा समय जेल में व्यतीत किया उनको 10000 रुपये और 1 महीने से ज्यादा समय तक जेल में रहने वालों को 5000 से ज्यादा रुपये पेंशन के रूप में देने की बात कही गयी है।
ममता बनर्जी इंदिरा गांधी जैसी तानाशाह
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान के माहौल को देखते हुए कहा जाये तो ममता बनर्जी इंदिरा गांधी जैसी तानाशाह हैं।
कार्यक्रम में सुशील मोदी के साथ नवल किशोर यादव,अरुण कुमार सिन्हा, शिवनारायण, अमृता भूषण व सीताराम पांडेय मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन सीताराम पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन कर किया।
(सुचित गौतम)