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बनेगा सिटि वेंडिंग प्लान, स्मार्ट सिटी में वेंडर्स को मिलेगे स्मार्ट कार्ड

पटना : स्ट्रीट वेंडिंग कानून के लागू होने के लगभग साढ़े पांच साल बाद भी शहरों में हजारो वेंडर्स बेदखल किए जाने व रोजगार से वंचित होने के डर से जीते हैं। दुर्भाग्य से अधिनियम लागू होने और हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद, स्ट्रीट वेंडर्स को परेशान किया जाता है, बेदखल किया जाता है, पीटा जाता है और पैसा निकाला जाता है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन जैसे परियोजनाओं के बावजूद स्मार्ट सिटी के नाम पर वेंडर्स अपने रोजगार से वचित किए जा रहे हैं। प्रशासन का हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है | उक्त बातें नासवी द्वारा आयोजित “स्मार्ट सिटी परियोजना मे स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका : कितनी सुरक्षित – कितनी एकीकृत” राज्य स्तरीय कार्यशाला में कही गई .

संजय कुमार, विशेष सचिव सह निदेशक, नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार ने नासवी द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला के उदघाटन सत्र मे कहा कि स्ट्रीट वेंडर शहरों का एक महत्वपूर्ण अंग हैं | ये बेहतर लागत और सुविधाजनक स्थानों पर समान सेवाएं प्रदान करते हैं। यह गरीबों के लिए उद्यमशीलता सीखने और गरीबी को दूर जाने के लिए एक अच्छा माध्यम है। वेंडर्स को पहचान पत्र दिये जा रहे है एवं वेंडिंग ज़ोन का भी निर्माण किया जा रहा है | शीघ्र ही कानून के अंतर्गत ग्रीभांस रिड्रेसाल समिति का भी गठन कर लिया जाएगा | स्ट्रीट वेंडर्स को भी चाहिए कि जहां पर उनके लिए व्यवस्था की जा रही है, वहीँ से वे अपना व्यवसाय करें एवं शासन को सहयोग करें।
कार्यशाला में आये लोगों ने बिहार सरकार से निम्न मांगे राखी।
• जिन विक्रेताओं को बिहार में पहचान पत्र और प्रमाण पत्र दिया गया है, उन्हें पुलिस व अन्य प्रशासनिक तंत्र द्वारा परेशान नहीं किया जाना चाहिए |
• जिन वेंडर्स को पहचान पत्र नहीं दिये गए है उनको शीघ्र पहचान पत्र दिये जाय।
• अधिनियम का तत्काल प्रवर्तन, विशेष रूप से अनुभाग 3.3 जिसके तहत एक विक्रेता को सर्वेक्षण से निष्कासन के खिलाफ संरक्षित किया जाता है, इसका अनुपालन किया जाय|
• राज्यों में विवाद निवारण तंत्र के गठन के लिए सख्त परिपत्र जारी करें।
• स्ट्रीट वेंडिंग के सभी पहलुओं के बारे में निर्णय लेने के लिए अधिनियम द्वारा शासित टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) की नियमित बैठकें टीवीसी सदस्यों के क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन। कार्यशाला का संचालन कार्यक्रम प्रबन्धक श्याम शंकर दीपक ने किया।