राजेन्द्र कुष्ठ सेवाश्रम का जिला जज ने किया निरीक्षण
- दयनीय स्थिति देख जाहिर की नाराज़गी

सिवान : कोरोना संक्रमण से बचाव और जागरूकता अभियान के क्रम में जिला जज मनोज शंकर ने आज राजेन्द्र कुष्ठ सेवा आश्रम अस्पताल मैरवा का निरीक्षण कर वहां रह रहे रोगियों एवम उसके कर्मियों का जाएजा लिया। राजेंद्र कुष्ठ आश्रम एवं कुष्ठ रोगियों के लिये बने 200 बेड के अस्पताल की जीर्ण-शीर्ण तथा अस्पताल के कर्मियों की ब्यथा सुनकर जिला जज ने अफसोस जताते हुए कहा कि ऐसे संस्थानों की उपेक्षा सरकार एवं प्रबंध समिती की उदासीनता का परिचायक है।
श्री शंकर ने उपस्थित रोगियों ओर कर्मचारियों को इस संस्थान का पुनरुद्धार करने का अस्वासन दिया।विदित हो कि लगभग 1960के दशक में इस सेवाआश्रम का शिलान्यास देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के कर कमलों द्वारा किया गया। इस संस्थान के संस्थापक प्रसिद्ध समाजसेवी पंडित जगदीश दीन जिन्हें क्षेत्र में दीन जी के मरणोपरांत इस संस्थान की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई ।तथा यहां के रोगी एवम कर्मचारी ओर इलाज ओर वेतन के अभाव में भुखमरी के कगार पर पहुँच चुके हैं।
जिला जज ने डीएलएसए के सचिव को संस्थान से सम्बंधित एक प्रतिवेदन तैयार करवाने का निर्देश दिया।ताकि उसके पुनरुद्धार हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा सके।तत्पश्चात जिला जज ने संस्थान में रह रहे रोगियों तथा मैरवा स्टेशन के समीप रह रहे कुष्ठ पीड़ितों के सैकड़ो परिवारों को कच्चा अन्न, साबुन, बिस्कुट, मास्क समेत आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया। इस अवसर पर ए डी जे 5 सुधीर कुमार सिन्हा, डी एल एस ए के सचिव एन के प्रियदर्शी ,पैनल अधिवक्ता डॉ विजय कुमार पांडेय को आर्डिनेशन कमिटी के सदस्य राजीव रंजन राजू,वरीय अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह, समाजसेवी गोपालजी शाही समेत प्राधिकार कर्मी रंजीत दुबे, बलवंत सिंह, मनीष कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
डॉ विजय कुमार पांडेय