भारत रत्न डॉ अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन
सारण : भारत स्काउट और गाइड सारण के गड़खा इकाई के *बलिराम सिंह शालिग्राम सिंह ओपेन ट्रूप के स्काउट मास्टर आशीष रंजन के नेतृत्व में महान वैज्ञानिक भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमे उनकी जीवन की उपलब्धियों पर विचार करते हुए उनके जीवन से देश सेवा की प्रतिवहता को अपनाने पर विचार रखे गये।
आशीष ने सभा मे शोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उपस्थित स्काउट को उनके जीवन के संघर्ष से प्राप्त उपलब्धि से प्रेरणा लेने की बात बताई । कार्यक्रम का प्रारंभ पुष्पांजलि कार्यक्रम से हुआ के समापन वर्चुवल रूप से जुड़े ज़िला संगठन आयुक्त श्री आलोक रंजन ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पण के उपरांत सभा को बताया कि किस प्रकार से हम सभी डायरेक्टर राष्ट्रपति से संस्था के माध्यम से जुड़े हुए होते हैं।
ज्ञात हो कि भारत स्काउट और गाइड के स्काउट गाइड रोवर और रेंजर का सबसे महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र राष्ट्रपति अवार्ड पदेन के हस्ताक्षर से ही प्राप्त होता हैं। वर्चुअल रूप से ईश्वरी उच्च विद्यालय बसंत के स्काउट मास्टर अम्बुज कुमार झा ने डॉ ऐ पी जे अब्दुल कलाम को अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करने के उपरान्त संस्था के पूर्व संरक्षक और महामहिम को देश सेवा हेतु समर्पित होने की मिशाल बताई , तथा इस पर अमल हेतु बच्चो को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सोनू कुमार , राजू कुमार ठाकुर ,अभिनय कुमार , आदित्य नारायण सिंह आदि स्काउट स्थल पर और वर्चुवल माध्यम से जुड़े । संस्था के वरीय अधिकारि गन भी अपने अपने माध्यम से जुड़ कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।
छपरा सदर अस्पताल में लगेंगे दो और वेंटीलेटर
सारण : वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। लोगों को अस्पताल में बेहतर से बेहतर सुविधा मिले, इसको लेकर नई-नई योजना बनाई जा रही है। इसी कड़ी में कोराना संक्रमण में हो रही बेहताशा वृद्धि के कारण मरीजों को सहायता मुहैया कराने के मद्देनजर छपरा सदर अस्पताल में दो और वेंटीलेटर लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे कोरोना मरीजों को अस्पताल में इलाज के दौरान परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसको लेकर राज्य स्वास्थ समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पत्र जारी किया है एवं इसे सुनिश्चित कराने के लिए बीएमएसआईसीएल के निदेशक को जिम्मेदारी सौंपी है। पत्र के मुताबिक भारत सरकार से प्राप्त 264 वेंटिलेटर्स को आवश्यकता अनुसार राज्य के सभी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेज में वितरण कराने को कहा गया है। इनमें जिले के सदर अस्पताल को 2 वेंटीलेटेर मशीनों की आपूर्ति करानी है। यहाँ पर पहले से भी दो वेंटिलेटर मशीन उपलब्ध है।
साँस संबंधित मरीजों के लिए वेंटिलेटर बेहद जरूरी :
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार शर्मा ने बताया वेंटिलेटर साँस संबंधित मरीजों के लिए बेहद जरूरी है। इसके सहारे गंभीर से गंभीर साँस से संबंधित मरीजों को बचाया जा सकता है। इस संबंध में बीएमएसआईसीएल से जल्द समन्वय स्थापित कर जिला अस्पताल में वेंटिलेटर मशीनों को लगाये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जायेगी. कोरोना के संक्रमितों के लिए यह काफी उपयोगी सिद्ध हो सकेगा.
वेंटिलेटर है क्या:
बहुत सरल भाषा में कहें तो यह एक मशीन है जो ऐसे मरीजों की जिंदगी बचाती है जिन्हें सांस लेने में तकलीफ है या खुद सांस नहीं ले पा रहे हों. यदि बीमारी की वजह से फेफड़े अपना काम नहीं कर पाते हैं तो वेंटिलेटर सांस लेने की प्रक्रिया को संभालते हैं। इस बीच डॉक्टर इलाज के जरिए फेफड़ों को दोबारा काम करने लायक बनाते हैं।
कितने तरह के होते हैं वेंटिलेटर:
वेंटिलेटर मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं। पहला मेकेनिकल वेंटिलेशन और दूसरा नॉन इनवेसिव वेंटिलेशन।मेकेनिकल वेंटिलेटर के ट्यूब को मरीज के सांस नली से जोड़ दी जाती है, जो फेफड़े तक ऑक्सीजन ले पहुंचाती है।वेंटिलेटर मरीज के शरीर से कार्बन डाइ ऑक्साइड को बाहर खींचता है और ऑक्सीजन को अंदर भेजता है। दूसरे प्रकार के वेंटिलेटर को सांस नली से नहीं जोड़ा जाता है, बल्कि मुंह और नाक को कवर करते हुए एक मास्क लागाया जाता है, जिसके जरिए इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है।
कोरोना मरीजों के लिए क्यों जरूरी है वेंटिलेटर:
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक,कोविड-19 से संक्रमित 80% मरीज अस्पताल गए बिना ठीक हो जाते हैं।लेकिन छह में से एक मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है और उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है।ऐसे मरीजों में वायरस फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।फेफड़ों में पानी भर जाता है, जिससे सांस लेना बहुत मुश्किल हो जाता है। साथ ही शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है।इसलिए वेंटिलेटर्स की आवश्यकता होती है।इसके जरिए मरीज के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को समान्य बनाया जाता है।
मोदी सरकार 2.0 के एक वर्ष पूरा होने पर घर-घर पहुंचाई पाती
सारण : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमित सदस्य सह गोपालगंज के प्रभारी, सारण के पूर्व जिलाध्यक्ष, गंगा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रांतीय संयोजक अशोक कुमार सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सारण के विभिन्न गांवों में घर-घर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाती (संदेश) को पहुंचाने का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सिंह ने बयान जारी करते हुए बताया कि आम लोगों में मोदी सरकार के कार्यों को ले खासा उत्साह है। खुद जनता की जुबान पर है-मोदी सरकार के 6 साल …बेमिसाल। सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास का मंत्र भी लोगों के बीच मजबूत हुआ है।
दूसरे कार्यकाल का पहला साल तो साहसिक फैसलों की उपलब्धियों से भरा पड़ा है। कश्मीर से धारा 370 का खात्मा, सामाजिक कुप्रथा तीन तलाक की समाप्ति, नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी, कोर्ट का आदेश मिलने के बाद राम मंदिर निर्माण में तेजी जैसी उपलब्धियां वाकई इतराने वाली हैं। अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन उस साल की दिवाली जैसा है, जब श्रीराम बनवास से अयोध्या लौटे थे। अंतर यही है कि तब त्रेता था और आज कलियुग में भी राम का बनवास खत्म होने वाला है।
पिछले कार्यकाल के आखिरी साल में पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक से लोगों में यह विश्वास जगा था कि यह सरकार पिछली सरकारों से अलग है। शांति व वसुधैव कुटुम्बकम के मूल मंत्र का ख्याल रखते हुए ईंट का जवाब पत्थर से देने की न केवल कूवत रखती है, बल्कि इसका निर्णय एक पल में लिया। प्रधानमंत्री ने खुद लेह-लद्दाख का दौरा कर चीन को बता दिया कि वह 1962 का भारत समझने की भूल नहीं करे। चीन पर भारत के रूख की कई देशों ने न केवल सराहा, बल्कि समर्थन भी किया है। पिछली सरकार में गरीब सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था कर मोदी सरकार ने सामाजिक समरसता में आर्थिक आधार को मजबूती दी और यह संदेश दिया यह सरकार वाकई गरीबों की है, चाहे व किसी वर्ग का क्यों न हो।
विश्व की सबसे अनूठी आयुष्मान भारत योजना, 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का संकल्प, सभी प्रवासी मजदूरों के खाते में सीधे सहायता राशि का भुगतान, महिलाओं व बच्चियों के विकास के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं, गरीबों के लिए दो करोड़ आवास व 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय का निर्माण जैसे कार्यों की लंबी फेहरिस्त है।
सिंह ने केंद्र सरकार के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद राजीव प्रताप रूडी के कार्यों को गिनाते हुए कहा कि उनकी सकारात्मक पहल से सारण में विकास के नये कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। जिले में एनएचआई, पीडब्ल्यूडी व ग्रामीण सड़कों का जाल बिछ गया है। गंगा पर दो अतिरिक्त सेतु के निर्माण को भी हरी झंडी दिलाने में सांसद की महती भूमिका रही है। इन दोनों सेतु के निर्माण का सपना साकार होते ही सारण की कनेक्टिविटी सीधे तौर पर राजधानी पटना से हो जायेगी। फिर वह दिन दूर नहीं, जब ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर ग्रेटर पटना के रूप में सारण विकसित होगा। सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण की स्वीकृति भी सांसद की पहल पर केंद्र सरकार ने प्रदान कर दी है।
राज्य सरकार से एनओसी मिलते ही कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है। इस एयरपोर्ट का निर्माण होते ही सारण दुनिया के मानचित्र पर स्थापित हो जायेगा। सारण में 24 घंटे बिजली की उपलब्धता के साथ ही दियारे के विभिन्न इलाकों में विद्युतीकरण की दिशा में सांसद ने उल्लेखनीय पहल की, जिसका नतीजा हुआ कि इन इलाकों में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची है। सांसद की पहल पर पाइप लाइन से घर-घर गैस आपूर्ति का कार्य भी प्रगति पर है। सासंद की ओर से स्थापित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आम लोगों को सहूलियत देने का उल्लेखनीय प्रयास हुआ है। लॉकडाउन के दौरान आम लोगों के अलावा बहुतेरे प्रवासियों का इसका लाभ मिला। सांसद की इस पहल की प्रशंसा लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने करते हुए अन्य सांसदों को भी इसका अनुसरण करने को प्रेरित किया।