एचआईवी एड्स के बारे में छात्रों को दी जानकारी
दरभंगा : मिथिला विश्वविद्यालय परिसर के जुबली हॉल में बिहार राज्य के बिहार राज एड्स नियंत्रण सोसाइटी के सौजन्य से रेड रिबन क्लब कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय स्थित सभी महाविद्यालयों से 2/2 स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। सभी एनएसएस के छात्र छात्राओं ने एचआईवी एड्स रेड रिबन क्लब के द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान एवं एचआईवी एड्स के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बच्चों को एक ऐप डाउनलोड करवाएं जिससे बिहार राज्य से लेकर किसी भी राज्य की एड्स के बारे में लोगों को जानकारी उपलब्ध हो जाएगी रिसोर्स पर्सन शैलेश कुमार ने रेड रिबन क्लब के तकनीकी विशेषज्ञ बच्चों को एड्स के बारे में विशेष जानकारी दी। संस्कृत विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉक्टर सत्यवान कुमार ने कहा योग के द्वारा एड्स को रोका जा सकता है ऋषि-मुनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया एड्स के इलाज में योगासन सर्वोत्तम उपाय है।
संसाधन पुरुष डॉक्टर दिनेश जी ने स्वैच्छिक रक्तदान की प्रक्रिया को बताया कि रक्तदान से लाभ रक्तदान से रक्तदाता को बताया अनिवार्य उन्होंने बताया कि रक्तदान करके हम किसी की भी जान को बचा सकते हैं और समाज में सम्मान पा सकते हैं कुलसचिव कर्नल निसिथ कुमार राय जी ने बच्चों के बीच है करियर संबंधी बहुत सारी बातें बताई उन्होंने बच्चों का एक सर्वे करवाया जिसमें कितने बच्चे कितने देर तक ब्यायम करते हैं पढ़ाई करते हैं कितने अंग्रेजी बोलते हैं और कितने बच्चे विदेशी भाषा के जानकार हैं उन्होंने फंडामेंटल राइट्स के बारे में बताते हुए MITHILA का पूरा विश्लेषण किया इससे बच्चे बहुत लाभान्वित हुए कार्यक्रम के दूसरे सत्र में श्री मनमोहन सरावगी ने रक्तदान की सारी प्रक्रियाओं से बच्चों को अवगत कराया रक्तदान से किसी को कोई नुकसान नहीं होता है इसकी जानकारी दी डॉ राजीव कुमार उप कुलसचिव वन ने छात्रों के बीच प्रमाण पत्र का वितरण किया कार्यक्रम का संचालन समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ आनंद प्रकाश गुप्ता ने किया एवं कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ विनोद बैठा ने किया।
गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों से बढ़ेगा शोध का महत्व
दरभंगा : समाजशास्त्र विभाग में भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा संपोषित 10 दिवसीय कार्यशाला के आठवें दिन महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के राजनीती शास्त्र विभाग के डॉ पंकज कुमार ने शोध प्रस्ताव एवं शोध की राजनीति विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
उन्होंने शोध छात्रों के समक्ष शोध प्रस्ताव को परिभाषित करते हुए कहा कि सामान्यतः शोध प्रस्तावों से तात्पर्य ऐसे प्रस्ताव से होता है जिसमें शोधकर्ता किसी समस्या समाधान के लिए विशेष कार्य विधि संभावित समय एवं संभावित धन आदि का उल्लेख करता है। यह शोध से पूर्व एक प्रस्ताव होता है उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों द्वारा शोध कार्य से पूर्व शोध प्रस्ताव आमंत्रित किया जाता है। इसके गुणवत्तापूर्ण होने से शोध का महत्व बढ़ जाता है। डॉ पंकज कुमार ने कहा कि शोध प्रस्ताव में शोध का शीर्षक, समस्या का प्रकथन, शोध का उद्देश्य ,संबंधित साहित्य की समीक्षा, उपकल्पना, अध्ययन का महत्व, संकल्पना की परिभाषा, अध्ययन की सीमाओं का परिसीमन, आंकड़े संग्रह की प्रक्रिया, निदर्शन, उपकरण, आंकड़ा विश्लेषण के तरीके, संभावित अध्यायिकरण, सन्दर्भ पुस्तकें आदि होती है।
दूसरे सत्र में शोध की राजनीति विषय पर प्रकाश डालते हुए डॉ पंकज ने कहा कि शोध का राजनीति से और राजनीति का शोध से अंतर्संबंध है। उन्होंने कहा कि शोध का प्रयोग राजनीतिक लाभ हेतु किया जाता रहा है। सरकार द्वारा समय समय पर अपने नीति आधारित विषय पर शोध को बढ़ावा देना शोध की राजनीति का अंग है। चुनाव के समय मीडिया सर्वे के द्वारा राजनीतिक लाभ हेतु आंकड़ों को सरकार के पक्ष में दर्शाना भी शोध की रराजनीति है। उन्होंने कहा कि इसमें शोध और शोध निष्कर्ष का प्रसार अपने फायदे के लिए होता है। डॉ कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शोध में फुलब्राइट फ़ेलोशिप राजनितिक हित हेतु से शोध के विषयका चयन और निष्कर्ष निकाला जाता है।
बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहायक निदेशक आलोक कुमार ने एड्स विषय पर शोध को बढ़ावा देने हेतु विभागीय जानकारी दी।
आज के सत्र की रिपोर्टिंग विश्वविद्यालय समाजशास्त्र विभाग के सुश्री लक्ष्मी कुमारी ने किया। तृतीय सत्र में फील्ड स्टडी के अन्तर्गत शोध छात्रों को नारगौना अवस्थित संग्रहालय, केंद्रीय पुस्तकालय और विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन अवस्थित महारानी कल्याणी पुस्तकालय का भ्रमण किया गया।
इस मौके पर प्रो गोपीरमण प्रसाद सिंह, डॉ मंजू झा, डॉ शंकर कुमार लाल, डॉ सारिका पांडेय, प्राण तारती भंजन व अन्य उपस्थित थे।
मुरारी ठाकुर