23 तक हरहाल में पूरा हो इंटरलॉकिंग का कार्य : डीआरएम
मधुबनी : डीआरएम ने इंडोनेपाल रेल लिंक का प्रोग्रेसिंग का आज मंगलवार को निरीक्षण किया। डीआरएम अशोक माहेश्वरी ने जयनगर स्टेशन का भी निरीक्षण किया, वे सड़क मार्ग से सोमवार की सुबह पहुंचे। उन्होंने इंडो-नेपाल रेल लिंक का प्रोग्रेसिंग का निरीक्षण करते हुये संबंधित अधिकारियों को शीध्र पुरा करने का निर्देश दिया।
उसके बाद वे इंटरलॉकिंग का कार्य का निरीक्षण कर उसे हरहाल में 23 अक्टूबर तक पुरा करने का सख्त निर्देश दिया। वे स्टेशन के पैनल रूम में चल रहे इलेक्ट्रिक व पुर्ण डिजिटलीकरण कार्य को ससमय पुरा करने पर बल दिया।
डीआरएम ने प्लेटफॉर्म एक पर प्लेटफार्म से नीचे हो चुके जीआरपी, आरपीएफ समेत अन्य विभागों के कार्यालयों को उंचा करने का निर्देश दिया। इसके बाद स्टेशन के अन्य विभागों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
उनके साथ सीनियर डीओएम अमरेश कुमार, सीनियर डीईएन, विजय कुमार, सीडब्लूएस राम कुमार राय, एस एस राजेश मोहन मल्लिक समेत अन्य अधिकारी मौके पर उपस्थित थे।
जयनगर थानाध्यक्ष को बर्खास्त करने की उठाई मांग
मधुबनी : पिछले दिनों एक केस में जबरदस्ती एक व्यक्ति का नाम संलग्न करने और मनमौजी की तरह कार्य करने और हिटलरशाही व्यवहार के कारण परेशान एनडीए नेताओं ने मधुबनी पुलिस कप्तान डॉ० सत्यप्रकाश को एक ज्ञापन लिख कर जयनगर थानाध्यक्ष सत्यनारायण सारँग के तबादले की मांग की गई।
वहीं, जिला पुलिस कप्तान ने जल्द करवाई का आवश्वासन दिया। इस बाबत जानकारी देते हुए एनडीए के प्रखंड संयोजक और जयनगर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद कैलाश पासवान ने बताया कि इस बाबत यह कंप्लेन हमने किया है ओर जल्द ही उन्होंने करवाई की बात कही है।
एसपी ने शराब धंधेबाज पर पैनी नजर व कारवाई का दिया निर्देश
मधुबनी : मधुबनी एसपी ने क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए जयनगर थाने गए और केसों से जुड़ी जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। देर रात वो पैदल चल कर शहर में रात्रि गश्ती भी किया।
उन्होंने बताया कि यह अनुमंडल इंडो-नेपाल बॉर्डर से जुड़ा हुआ है और खुला बॉर्डर है, जिसकी सुरक्षा एसएसबी भी कर रही है। एक यह खास कारण है कि इस बॉर्डर पर शराब तस्करी और तस्कर खूब सक्रीय हैं, फिर भी हम सब मुस्तैदी से अपना कार्य कर रहे हैं।
भारत विकास परिषद की हुई बैठक
मधुबनी : सोमवार की शाम 07 बजे जयनगर के स्थानीय विशाल होटल में भारत विकास परिषद् , शाखा-जयनगर की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता जयनगर शाखा के अध्यक्ष डॉ० अम्बिका प्रसाद सिंह ने किया।
इस बैठक में भारत विकास परिषद के सदस्यगणों की एक बैठक संध्या में हुई, जिसमें भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पी०के० जैन (संस्कार) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और संस्थागत कई विषयों पर चर्चा की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत को जानो नामक एक कार्यक्रम को जल्द करवाना है। इस बात पर गहन चर्चा हुई, ओर जल्द ही कार्यक्रम करवाने का निर्णय लिया गया।
इस बैठक में सचिन सिंह, श्याम किशोर सिंह, संत जायसवाल, श्याम गुप्ता, अरुण जैन, सुमित राउत एवं अन्य सभी सदस्य मौजूद थे।
डेंगू से बचाव के लिए जांच किट उपलब्ध : सीएस
मधुबनी : मधुबनी सिविल सर्जन डॉ मिथलेश झा ने सोमवार को जयनगर अनुमंडल अस्पताल पहुंचकर जयनगर में फैल रहे डेगूं मरीज से जुड़ी रपट तलब किया। उनके साथ एसीएमओ सह जिला सर्विलांस पदाधिकारी डॉ एसपी सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएस ने बताया कि जयनगर अस्पताल में डेंगू फीवर के जांच किट को उपलब्ध कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि डेंगू फीवर के लक्षण वाले रोगी धबराये नहीं। अस्पताल में जांच व इलाज की समुचित व्यवस्था कर दी गयी है। तथा बचाव के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू मच्छर के लावा को खतम करने वाले टेलीफास टाउडर का छिड़काव मंगलवार से कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने प्रखंड के शिक्षकों व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बैठक कर डेगूं से बचाव के उपायो के विषय में विस्तृत जानकारी दिया, तथा शहरी व गांवों में जागरूगता फैलाने के लिए पर्चा के माध्यम ,बचाव के उपाय के वीडीओ व सोशल मिडिया के तहत जागरूगता पर बल दिया।
अस्पताल के डीएस डॉ एसके विश्वकर्मा ने विभिन्न चिकित्सकों व जांच घरो से उपलब्ध दो दर्जन से अधिक डेंगू के लक्षण वाले रोगियों के लिस्ट प्रस्तुत किये। जिसकी समीक्षा किया गया। मौके पर नीरज कुमार,अनिल, स्वास्थ्य प्रबंधक अर्चना भट्ट समेत अन्य स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे। बता दें कि रविवार से स्वास्थ्य महकमा हड़क्कत में आया। तथा रविवार से डेगूं के लक्षण कई दर्जन मरीजो की शुद्धि ली।
डेगूं फीवर पर क्या कहते है चिकित्सक
डॉ एसके. विश्वकर्मा ने कहा कि डेंगू लक्षण से पीड़ीत मरीज धबराये नहीं। पैथोलॉजी के स्केनिंग जांच से पुरी तरह डेंगू नहीं माना जाता है। जबतक सिरम के जांच से स्पष्ट नहीं हो। क्लासिक डेगूं में प्रोपर टिटमेंट से एक सप्ताह में रोगी ठीक हो सकता है।
डॉ रवि गुप्ता ने बताया कि डेगूं का दो स्टेज है। प्राथमिक स्थिति क्लासिकल डेगूं फीवर तथा दुसरा हेमरेजिक फीवर है। प्रथम स्थिति में मरीज को शीध्र रिकॉभरी होती है। हेमरेजिक फीवर गंभीर है।
सुमित राउत