सीओ ने काटा दुकानदारों का चालान
नवादा : कोरोना से बचाव के लिए शारीरिक दूरी का पालन करना और मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। बावजूद कुछ लोग अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र में बिना मास्क के ही लोग घूम रहे हैं।
ऐसे लोगों पर बुधवार को प्रखंड के अकबरपुर -फतेहपुर में सीओ के द्रारा कार्रवाई की गई.। इस क्रम में 07 दुकानदारों के चालान काटे गए, जो बिना मास्क के घूम रहे थे या फिर दुकान संचालित कर रहे थे। सीओ ओम प्रकाश भगत ने बताया कि समझाने के बाद भी लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, जबकि मास्क लगाने से स्वयं भी सुरक्षित है और दूसरे भी। उन्होंने बताया कि बिना मास्क के घूमने वालों पर कार्रवाई शुरू की गयी है।
बुधवार को प्रखंड के पाति बाजार सहित प्रखंड के मुख्य बाजार और मुख्य मार्गों पर कार्रवाई की। हिदायत दी अभी 100 रु. का चालान काटा है दूसरी बार भी बिना मास्क के मिले तो 500 का काटा जाएगा। सीओ ने बताया बिना मास्क लगाए दुकान का संचालन करने वाले दुकानदारों पर यह कार्रवाई सतत जारी रहेगी। नागरिकों व दुकानदारों से स्वयं व दूसरों की रक्षा के लिए मास्क लगाना जरूरी बताया।
नौ दिन सावन बीता, अब भी नदी-नाला है सूखा
नवादा : सावन महीना का नौ दिन व पुनर्वस नक्षत्र के दस दिन बीत चुका है। इस माह में धान की रोपनी की रफ्तार काफी तेज गति से होती है। लेकिन जिले में धान की रोपनी की रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। किसानों को धान की रोपनी के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि अबतक कई नदियां व अधिकांश ताल-तलैया सूखा पड़ा है। बता दें कि जिले में मॉनसून के दस्तक देने के बाद बारिश भी शुरू हुई। कई दिनों तक अच्छी खासी बारिश भी हुई। लेकिन करीब तीन साल से लगातार बारिश कम होने के कारण जलस्तर में काफी गिरावट आ गई थी। किसानों को सूखाड़ का सामना करना पड़ा। जलस्तर नीचे रहने की वजह से बारिश के बाद भी नदी, नाला, ताल-तलैया में पानी का बहाव पर्याप्त नहीं है। नाटा सहित कई नदियां अब भी सूखी पड़ी है। इस कारण धान की रोपनी प्रभावित हो रही है।
जुलाई माह में 333.2 एमएम हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई माह में अबतक 333.2 एमएम बारिश हुई है। जबकि सामान्य रूप से 261.9 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। 1 से 14 जुलाई के बीच सामान्य से 27 फीसद ज्यादा बारिश हुई है। लेकिन वाटर लेवल डाउन रहने के कारण अब भी पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है। साथ ही लगातार बारिश नहीं हो रही है। इसके कारण नदी, नाला, ताल-तलैया आदि सूखा पड़ा है। धान की रोपनी के लिए पर्याप्त पानी मिल पा रहा है।
जिले में अबतक 10 फीसद हुई धान की रोपनी
पुरानी परंपरा के अनुसार आषाढ़ी पूजा के बाद धान की रोपनी शुरू हो गई है। किसान धान की रोपनी में जुट गए हैं। लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण धान की रोपनी प्रभावित हो रही है। ऐसे किसानों द्वारा बोरिग आदि से धान की रोपनी की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार अबतक जिले भर में 10 फीसद धान की रोपनी हुई है। पूरे जिले में काफी तीव्र गति से रोपनी कार्य चल रहा है।
जिले की प्रमुख नदियां
जिले में सकरी, खुरी, ढाढर, पंचाने, नाटा, धर्नाजय, तिलैया आदि प्रमुख नदियां है। इसके अलावा कई नहर व ताल-तलैया हैं। जो पहाड़ी इलाकों से निकलकर रजौली, गोविदपुर, नारदीगंज, कौआकोल, रोह, हिसुआ, अकबरपुर समेत अन्य प्रखंडों से होकर गुजरी है। इन नदियों के पानी से किसान खेतों की सिचाई करते हैं। इससे सैंकडा़ें गांव के किसान खेतों की सिचाई करते हैं। लेकिन पानी के अभाव में नदी, नहर, ताल-तलैया आदि सूखा पड़ा है। इससे धान की रोपनी पर असर पड़ रहा है। साथ ही धान की रोपनी रफ्तार नहीं पकड़ सकी है।
कहते हैं किसान
सदर प्रखंड के सिसवां गांव के किसान नंदन कुमार, सुरेंद्र कुमार, कौआकोल के राजेंद्र सिंह, रामकुमार समेत कई किसानों ने बताया कि पानी के अभाव में नदी, नाला, नहर आदि सूखा पड़ा है। नदियों में पानी रहने से खेतों की सिचाई करने में आसान होता है। इससे सैंकडो गांव में सिचाई होती है। लेकिन नदी सूखा रहने से परेशानी हो रही है। बोरिग से धान की रोपनी करना पड़ रहा है। इसके कारण धान की रोपनी रफ्तार नहीं पकड़ रही है।
कहते हैं मौसम वैज्ञानिक
जुलाई माह में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। 1 से 14 जुलाई के बीच 333.2 एमएम बारिश हुई है। ऐसे सामान्य रूप से 261.9 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। जो सामान्य से 27 फीसद ज्यादा है। इस साल लगातार बारिश होने की संभावना है। किसानों को सिचाई कार्य के लिए पानी का अभाव नहीं होगी। ऐसे अगले तीन दिनों तक तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।
कहते हैं अधिकारी
जिले भर में धान की रोपनी शुरू हो गई है। किसान धान की रोपनी में जुट गए हैं। रोपनी का कार्य काफी तीव्र गति से चल रहा है। जिले भर में अबतक 10 फीसद धान की रोपनी हो चुकी है। अगले पांच दिनों में करीब 25 फीसद धान की रोपनी पूरी हो जाएगी। इस साल बारिश भी समय से हो रहा है। साथ ही धान का पैदावार भी अच्छी होने की संभावनाएं है। ऐसे विभाग की ओर से किसानों को सरकारी योजनाओं का ससमय लाभ दिया जा रहा है।
अरविद कुमार झा, जिला कृषि पदाधिकारी नवादा।
स्कूली बच्चों को एमडीएम के बदले चावल व नकद रुपये भुगतान का निर्देश
नवादा : कोरोना के कारण स्कूलों में तालाबंदी और गर्मी छुट्टी की अवधि के मध्याहन भोजन का चावल व नगद रुपये अब बच्चों को दिया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया गया है।
जिले के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच सरकार के स्तर से ही राशन व राशि के वितरण का फैसला किया गया था। जिले के 1662 प्राथमिक व मध्य विद्यालय के बच्चों के बीच लगभग चौबीस हजार क्विटल चावल का वितरण किया जाना है।
कोरोना वायरस की रोकथाम व गर्मी की छुट्टी के दिनों की सरकारी स्कूलों में नामांकित छात्र-छात्राओं को मध्याहन भोजन के बदले 80 कार्यदिवस का खाद्यान्न दिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रधान शिक्षकों को आवश्यक निर्देश दिया गया है। परन्तु विद्यार्थियों के एवज में विद्यालयों में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं है। वहीं विभाग द्वारा इतनी मात्रा में सभी विद्यालयओं को एक साथ खाद्यान्न उपलब्ध करना लोहे के चने चबाने जैसा कार्य होगा। जिसके कारण शिक्षकों के समक्ष परेशानी तय है। वहीं दूसरी ओर प्रधान शिक्षक सूखा राशन के वितरण में सहयोग नहीं करने की बात कर रहे हैं। जिसके कारण सरकार के इस प्रस्ताव पर ग्रहण लग सकता है।
80 दिनों के एवज में मिलेगा खाद्यान्न
मई में 24 कार्य दिवस, जून में 30 व जुलाई माह में 26 कार्य दिवस सहित कुल 80 कार्यदिवस का खाद्यान्न स्कूली बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान वर्ग एक से पांच वर्ग के बच्चों को सौ ग्राम के हिसाब से आठ किलो तथा वर्ग छह से आठ वर्ग तक के बच्चों को प्रति कार्य दिवस डेढ़ सौ ग्राम के हिसाब से बारह किलो चावल दिया जाएगा।
डीबीटी के माध्यम से जाएगी खाते में राशि
बच्चों के खाते में राशि भी हस्तांतरित किया जाएगा। वर्ग एक से पांच के बच्चों को 4.97 रुपये के हिसाब से 397 रुपये तथा छह से आठ वर्ग के बच्चों को 7.45 रुपये के हिसाब से 596 रुपये दिया जाएगा। यह राशि डीबीटी के माध्यम से विद्यालय शिक्षा समिति द्वारा बच्चों के खाते में भेज दी जाएगी।
वितरण में आएगी परेशानी
खाद्यान्न वितरण के दौरान शिक्षकों के समक्ष काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योकि जो बच्चे विद्यालय नहीं आते हैं वे खाद्यान्न का चावल लेने में सबसे आगे रहेंगे। ऐसे में अभिभावकों व शिक्षकों के बीच विवाद उत्पन्न होना लाजमी है।
तौल में भी रहती है कमी
मध्याहन भोजन के लिए स्कूलों में आने वाला चावल भी प्रति बोरा कम रहता है। प्रत्येक बोरा में पचास किलो की जगह 45 किलोग्राम के आसपास चावल रहता है। जिसके कारण भी वितरण में परेशानी आएगी। जो विवाद का कारण बन सकता है।
शिक्षक कर चुके हैं वितरण कार्य से अलग रहने की घोषणा
विद्यालय में आने वाले परेशानी को देखते हुए शिक्षकों ने इससे अपने को अलग रखते हुए खाद्यान्न का वितरण नहीं करने का फैसला लिया है। इसकी भी कई शिक्षक संघ ने सरकार व विभाग को पत्र लिखकर इससे शिक्षकों को अलग रखने की मांग किया है। ताकि एक बार फिर स्कूलों में शिक्षकों व अभिभावकों के बीच विवाद न उत्पन्न हो जाए। साथ ही कहा है कि खाद्यान्न का वितरण जनवितरण प्रणाली से कराया जाय।
कहते हैं शिक्षक
मध्याहन भोजन चावल के वितरण से शिक्षकों को अलग रखा जाए। क्योंकि लॉक डाउन में शिक्षकों को विद्यालय आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। किसी स्थानीय एजेंसी के माध्यम से बच्चों के बीच चावल का वितरण कराया जाना चाहिए। अशोक कुमार सिंह, प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय उर्दू-वन, पार नवादा, सह जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ, नवादा।
मध्याहन भोजन चावल वितरण में थोड़ी बहुत परेशानी आ सकती है। परंतु हम शिक्षकों को सरकार का निर्देश का पालन करना है। पूरा प्रयास रहेगा कि शांति पूर्वक चावल का वितरण संपन्न कराया जा सके। नियमित रूप से आने वाले हर बच्चों को मध्यान्ह भोजन का चावल मिल सके। सुनील दत्त, प्रधानाध्यापक, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय कुंज, रोह।
कोरोना काल में अभिभावकों व बच्चों के साथ मिलकर चावल का वितरण उचित नहीं है। ऐसे में सुरक्षित शिक्षक भी कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा शिक्षकों की सुरक्षा के लिए किसी प्रकार की किट भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। चावल के पैक बोरा में भी 50 किलो की जगह चार पांच किलो मात्रा कम रहता है। वह वितरण के दौरान परेशानी का सबब बन सकता है। विनायक प्रभाकर, प्रभारी प्रधानाध्यापक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकंदरा, नवादा।
सह जिलाअध्यक्ष परिवर्तनकारी शिक्षक संघ,नवादा:
प्राचीन शिव मंदिर का जन सहयोग से किया जा रहा जीर्णोद्धार
नवादा : जिले के उग्रवाद प्रभावित कौआकोल प्रखंड मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित व रानीबाजार गांव की सीमा पर बसे पहाड़ी पर दशकों पूर्व 1952 ईस्वी में शिव मंदिर का निर्माण कराया गया था। इस मंदिर का निर्माण रानीबाजार गांव के ही शिवनंदन चौरसिया एवं रामचरण साव उर्फ भगत जी ने ग्रामीणों के सहयोग से करवाया था।
ग्रामीणों के अनुसार पहाड़ी पर इस शिवालय के रहने के कारण आस पास के दर्जनों गांव के लोग यहां सावन एवं अन्य माह में पूजा करने आया करते थे। यहां तक कि शिवरात्रि में यहां भव्य मेला का भी आयोजन किया जाता था। परन्तु धीरे धीरे लोगों की अनदेखी के कारण यह धरोहर समाप्त होते जा रहा था। जिसके बाद लॉक डाउन में विभिन्न जिलों एवं प्रदेशों से आए गांव के युवाओं में इस मंदिर के जीर्णोद्धार कराने का विचार आया। जिसके बाद आनन फानन में एक कमेटी बनाई गई।
कमेटी के अध्यक्ष अंकित कुमार सिंह के नेतृत्व में दर्जनों युवा मंदिर जीर्णोद्धार कार्य मे अपनी अपनी सहभागिता निभाने का आश्वासन दिया। बस फिर क्या,युवाओं की टीम ने अपनी अपनी निजी सहयोग व आपस में चंदा इकठ्ठा कर मंदिर को भव्य रूप देने की तैयारी में जुट गए हैं। मंदिर जीर्णोद्धार कार्य में हाथ बंटा रहे योगी त्यागनाथ, विपिन चौरसिया, अजित चौरसिया, सतीश कुमार, सुमित, मनोहर, मोनू, मुकेश, प्रमोद, संतोष, गुड्डू, राजा आदि ने बताया कि श्रद्धालुओं को मुख्य सड़क से मंदिर तक पहुंचने के लिए मार्ग सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर का रंगाई पुताई कार्य एवं मंदिर में टाइल्स लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
पंप हाउस का मोटर जलने से दो पंचायतों में जलापूर्ति बाधित, लोगों में आक्रोश
नवादा : जिले के अकबरपुर प्रखंड के फतेहपुर व बलिया बुजुर्ग पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 1, 3, 4 और 5 में पिछले एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। जिसकी वजह से आम-लोग खासा परेशान हैं। इस बाबत विभाग पंप हाउस की मोटर जले होने का हवाला देकर पानी आपूर्ति ठप होने की बात कह रही है।
पानी का सप्लाई बंद :
इस मामले पर विभाग का कोई भी अधिकारी स्पष्ट रूप से यह नहीं बता पा रहा है कि जलापूर्ति आखिर कबतक बहाल होगी। बता दें इन दोनों पंचायत में पानी का सप्लाई फतेहपुर पंप हाउस से होता है जिसका जल मीनार फतेहपुर पंचायत के डीही गांव में है जहां से बलिया बुजुर्ग पंचायत के इन वार्डों में पानी की सप्लाई होती है।
लोगों को हो रही परेशानी :
एक साल पूर्व भी मोटर जलने से लगभग 16 दिन तक पानी की सप्लाई नहीं की गई थी। पंचायत के आम लोगों में खासकर मुस्लिम मोहल्ले और आजाद मोहल्ले में पानी की सप्लाई बंद होने से पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है।लोगों को पानी की किल्लत से काफी परेशानी हो रही है।
लोगों में काफी आक्रोश :
जलापूर्ति बाधित होने से लोगों में काफी आक्रोश है। सुबह होते ही लोग अपने-अपने घरों के लिए पानी व्यवस्था करने के लिए इधर-उधर जाकर जद्दोजहद करते फिर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द पानी सप्लाई नहीं किया गया तो, प्रखंड कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
कहते हैं अधिकारी:
विभाग के जेई प्रिंस कुमार ने बताया कि मोटर जलने की सूचना मैकेनिकल जेई को दे दी गयी है। जल्द ही मरम्मत करा पेयजलापूर्ति आरंभ कर दी जाएगी ।
जुगाड़ वाहन के परिचालन पर रोक नहीं, उड़ रही शारिरीक दूरी की धज्जियां
नवादा : सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद जिले में जुगाड़ वाहन का परिचालन धङल्ले से हो रहा है। जुगाड़ वाहन से बिना मास्क पहने सफर करने का क्रम जारी है । इसके साथ ही शारीरिक दूरी का पालन नहीं होने से संक्रमित होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
ऐसे में प्रशासन के अपील की अनदेखी की जा रही है । नवादा में जुगाड़ वाहन से बिना मास्क पहने सफर कर रहे हैं तो शारिरीक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है । नवादा के सड़कों पर जुगाड़ वाहन से बिना मास्क पहने सफर करते लोगों को कभी भी देखा जा सकता है । जिले में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बावजूद लोग लापरवाह है।
वहीं जिला प्रशासन के द्वारा मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना भी वसूल किया जा रहा है बावजूद लोग जिला प्रशासन के आदेशों को मानने को तैयार नहीं हैं । जब जिला मुख्यालय का यह हाल तब है तब ग्रामीण क्षेत्रों की बात करना ही बेमानी है।
देसी-विदेशी शराब के साथ ग्लैमर बाइक ज़ब्त, कारोबारी फरार
नवादा : जिले के रजौली थाना क्षेत्र के चितरकोली समेकित जांच चौकी पर पूर्ण शराबबंदी को लेकर उत्पाद निरीक्षक रामप्रिती कुमार के नेतृत्व में वाहनों की सघन जांच की जा रही थी।इसी बीच झारखंड की ओर से आने वाली ग्लैमर बाइक जे एच 12डी 4921 को देसी विदेशी शराब के साथ जब्त कर लिया गया। कारोबारी फरार होने में कामयाब रहा।
उत्पाद निरीक्षक ने बताया कि पूर्ण शराबबंदी को सफल बनाने के लिए श्याम टूडू एवं एएसआई अजय पासवान के द्वारा वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। जिसमें झारखंड की ओर से आने वाली हरेक छोटी बड़ी गाड़ियों की जांच की जा रही थी।
इसी बीच संध्या 6 बजे जांच चौकी पर कोडरमा की ओर से एक बाइक सवार आता दिखा।बाइक सवार ने जब जांच चौकी पर पुलिस के द्वारा वाहनो की जांच करता देखा तो वह वापस बाइक को घुमा कर पुनः झारखंड की ओर भागने लगा, जब तक उसे उत्पाद पुलिस पीछा कर पकड़ पाती वह बाइक को जंगल से पहले सड़क किनारे गिराकर चितरकोली गांव की ओर प्रवेश कर गया। उत्पाद पुलिस वहां पहुंची और बाइक एवं थैले में रहे शराब को जब्त कर लिया।
उत्पाद निरीक्षक ने बताया कि थैले में झारखंड निर्मित 300 एम एल के 6 बोतल चैंपियन शराब तथा हरियाणा निर्मित रॉयल स्टैग कंपनी के 375 एमएल के 6 बोतल बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि बाइक मालिक के नाम उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
वज्रपात से किसान समेत दो पशुओं की मौत
नवादा : जिले के उग्रवाद प्रभावित रूपौ थाना क्षेत्र के कसमारा गॉंव निवासी श्रवण प्रसाद की मौत वज्रपात से हो गई। परिजनों ने बताया की खेत जुताई के लिए बधार गए थे। उसी समय वज्रपात हो गया। जिसमें बुरी तरह जख्मी हो गए। जिन्हें ईलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोह में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई।
मौत की खबर जैसे ही गॉंव पहुंची परिजनों में कोहराम मच गया। लोगों का रो रोकर बुरा हाल हो रहा है। लोग मृतक के परिजनों को सांत्वना देने में लगे हैं। इसके अलावा बेनीपुर गॉंव निवासी रामचन्द्र प्रसाद के दो मवेशी की मौत ब्रजपात से हो गई। जिले में बज्रपात से पशुओं व मानवों की मौत का सिलसिला जारी है।
30 फ़ीट गहरे नाले में गिरा वाहन, दो जख़्मी
नवादा : बिहार -झारखंड सीमा पर गोविन्दपुर थाना क्षेत्र के दर्शन नाला में अनियंत्रित वाहन के 30 फीट गहरे नाले में पलटने से उस पर सवार चार में से दो गंभीर रूप से जख्मी हो गए । स्थानीय लोगों के सहयोग से जख्मियो को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया जहां से चिकित्सकों ने नवादा सदर अस्पताल स्थानांतरित कर दिया । पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर थाना लाया है।
बताया जाता है कि झारखंड राज्य के बासोडीह की ओर रहे स्विफ्ट डिजायर कार चालक द्वारा वाहन से नियंत्रण खो देने के कारण वाहन कलाबाजी खाते हुए 30 फीट गहरे नाले में गिर गया । संयोगवश अच्छा था कि वाहन में सवार चार में से दो को कुछ नहीं हुआ जबकि दो गंभीर रूप से जख्मी हो गए ।
स्थानीय लोगों के सहयोग से राजकंवल व एक अन्य को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया जहां से चिकित्सकों ने नवादा सदर अस्पताल स्थानांतरित कर दिया ।
लगातार हो रही बारिश से कच्चा मकान हुआ धराशायी, सरकार से लगाई मदद की गुहार
नवादा : लगातार हो रही बारिश के कारण हिसुआ प्रखंड अंतर्गत कैथिर ग्राम में एक कच्चा खपरैलनुमा घर गिरकर धाराशायी हो गया। मकान पूरी तरह से मलबे में तब्दिल हो चुका है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
‘बारिश ने छिना छत’:
पीड़ित रविन्द्र ठाकुर के परिजनों ने बताया कि इस बारिश ने उसके सिर पर से छत का साया छिन लिया है। उन्होंने घर के मलबे से कुछ जरूरी सामान को निकालकर पड़ोसी के घर में शरण लिया है।
फूट-फूटकर रो रहे बच्चे :
मकान गिरने के बाद से पीड़ित के बच्चे फूट-फूट कर रो रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि पहले ही रोटी के लाले पड़े हुए थे और अब ऊपर से सिर पर से छत का साया भी छिन गया है। घटना के बाद स्थानीय समाजसेवी और पंचायत की मुखिया ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है। मुखिया नीरज कुमार ने कहा कि ये सभी बेहद गरीब परिवार से आते हैं। मकान का दीवार मिट्टी का बना हुआ था. उसके ऊपर से खपरैल था।
घटना के बाद से पूरे परिवार को मनोबल टूट चुका है।उन्होंने कहा कि मामले के बारे में अंचलाधिकारी हिसुआ नितेश कुमार को सूचना दे दी गई है। जल्द ही पीड़ित परिवार को पक्का मकान उपलब्ध बनवा दिया जाएगा। इसके लिए वे हरसंभव कोशिश करेंगे।
आंसू बता रहे सरकार की नाकामी :
गौरतलब है कि नीतीश सरकार हमेशा से ही राज्य में विकास का दंभ और खुद का पीठ थपथपाते नहीं थकती। लेकिन सरकार की ओर से किये गए विकास के वादे फिलहाल धरातल से मिलों दूर हैं।
बता दें कि गरीबों के लिए पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार पीएम आवास योजना भी चला रही है। सरकार का दावा है लगभग सभी गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन नवादा में गिरे कच्चे मकान और पीड़ितों के आंसू सबकुछ खुद बयां कर रहे हैं।
नहीं मिला कोई सरकारी मदद :
पीड़ित रविंद्र का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बार-बार अनुरोध के बाद भी मुझे उसका लाभ आज तक नहीं मिला। घर की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि तत्काल मकान बना सकूं। इसके चलते मुझे कच्चे मकान में रहने की विवशता थी।
बता दे कि कच्चे मकान गिरने की पीड़ा इलाके में केवल रविंद्र की नहीं है। बल्कि इस तरह के कई कच्चे मकान या झोपड़ी इस बरसात में गिर चुकी है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि सरकार की सारी योजनाएं या तो कागज़ पर या फिर अमीरों के लिए न कि गरीबों के लिए ।