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जनवरी की घटना अक्टूबर में कोर्ट के आदेश के बाद प्राथमिकी दर्ज, बावजूद पुलिस नहीं कर रही तत्परता से कार्रवाई

– एसपी को आवेदन दे कर मृतक के भाई ने की कार्रवाई की मांग

नवादा नगर : पत्नी और साले की प्रताड़ना से शहर के होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ.शम्भु प्रसाद की मौत का आरोप लगाया गया है। शहर के फल गली के सामने, मेन रोड निवासी डॉ.शम्भु प्रसाद की 12-13 जनवरी की रात संदेहास्पद मौत हो गयी थी। डॉ.शम्भु प्रसाद के बड़े भाई भोला प्रसाद ने इस संबंध में नगर थाने में मृतक भाई के पत्नी और साले पर केस दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था। लेकिन उनके केस पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। इसके बाद उन्होंने इस मामले को न्यायालय में आवेदन के रूप में दिया।

न्यायालय के द्वारा दिए गए आदेश के बाद नगर थाना में प्राथमिकी 1292/22 दिनांक 28 अक्टूबर 2022 दर्ज किया गया। प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद भी पुलिस के द्वारा आरोपित लोगों पर कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस परेशानी से आहत आवेदक और मृतक के भाई भोला प्रसाद के द्वारा एसपी गौरव मंगला को आवेदन दे कर कई तथ्यों से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। शहर के गढ़पर मोहल्ला निवासी भोला प्रसाद ने आवेदन में कहा है कि मेरे छोटे भाई डॉ.शम्भु प्रसाद की मृत्यु अस्वाभाविक परिस्थितियों में हो गयी थी।

उन्हें उनकी पत्नी संगीता वर्णवाल एवं साला अजय कुमार और डॉ.विजय कुमार द्वारा मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। इससे ऊब कर 2016 में वह घर छोड़कर चले गए थे और बाद में पत्नी द्वारा प्रताड़ित नहीं करने का वचन देने पर घर वापिस लौटे थे। इसके बाद भी डॉ.शम्भु प्रसाद की असहमति के बावजूद पत्नी संगीता वर्णवाल द्वारा अपने भाई अजय कुमार की आय से अधिक अर्जित काले धन से नवादा बाजार में सूद-व्याज का व्यापार किया जाता था, जिस कारण डॉ.शम्भु प्रसाद बहुत तनाव में रहते थे।

अपने पति की पूर्ण अवहेलना करते हुए संगीता वर्णवाल का बाहरी युवकों के साथ घर से बाहर समय गुजारना एवं कभी-कभी रात घर से बाहर बिताना जैसी घटनाओं से वह मानसिक दबाव एवं ग्लानियुक्त उत्पीड़न झेल रहे थे। यह व्यथा वह अपने मित्रों के बीच व्यक्त करते थे। उनके साले द्वारा काले धन से उनकी पत्नी के नाम पर जमीन रजिस्ट्री आदि की जानकारी पर उन्होंने विरोध किया तो साले धमकी देते थे। एसपी को दिए गए आवेदन में यह भी कहा गया है कि घटना स्थल (बेडरूम) सुरक्षित रूम नहीं हैं। बेडरूम में अन्दर आने का दो रास्ता है।

घटना बाहरी सहयोगी से घटित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। पंचनामा में कोई भी धोती, गमछा, साड़ी, रस्सी आदि का प्राप्त नहीं होना और उनकी अपनी पत्नी एवं बेटी का कोई शोर नहीं मचाना संदेहास्पद है। वर्तमान में मृतक की पत्नी संगीता वर्णवाल एवं उनके साले अजय कुमार एवं डॉ.विजय कुमार घटना की पुलिस जांच को दबाना चाह रहे हैं। आवेदक में एसपी से तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मृतक के परिजनों को इंसाफ दिलाने की मांग की।

विशाल कुमार की रिपोर्ट