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झाड़ फूंक के चक्कर में गयी बालिका की जान

नवादा : जिले के उग्रवाद प्रभावित रजौली प्रखण्ड क्षेत्र के फरका बुजुर्ग पंचायत अंतर्गत धामोचक गांव की 14 वर्षीय बच्ची की मृत्यु अंधविश्वास के कारण अनुमंडलीय अस्पताल में हो गई।मृतक के पिता बिनोद प्रसाद ने बताया कि 14 वर्षीय छोटी बेटी रानी कुमारी बीते तीन दिनों से खाना नहीं खा रही थी।

बच्ची के ऊपर भूत-प्रेत के साया को लेकर संदेह हुआ।बीमार बच्ची को झाड़-फूंक हेतु इधर-उधर भटकते रहे।जब बच्ची की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे अनुमंडलीय अस्पताल ले आये।अस्पताल में ड्यूटी में रहे चिकित्सक डॉ राघवेन्द्र भारती ने बच्ची का प्राथमिक इलाज किया।इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई।

चिकित्सक ने बताया कि इंसान का सामान्य शारीरिक तापमान लगभग 37 डिग्री सेंटीग्रेड होता है।बच्ची को जब अस्पताल लाया गया तो वह पूरी तरह से भींगी हुई थी।जीएनएम द्वारा उसके भींगे वस्त्र को बदलकर सूखा वस्त्र पहनाया गया।साथ ही उसके शरीर का तापमान जांच करने पर 32 डिग्री सेंटीग्रेड पाया गया।

बच्ची को बचाने का अथक प्रयास किया गया परन्तु बच्ची को बचाने में असफल हुए।उन्होंने बताया कि बच्ची की मौत केवल परिजनों के लापरवाही के कारण सही समय में उपचार के अभाव में हुई है।बताते चलें कि इससे पूर्व भी दर्जनों गांव के लोग सर्प दंश के बाद लोगों को अस्पताल न लाकर झाड़फूंक के चक्कर मे रहते हैं।जिसके कारण पीड़ित की जान का खतरा हमेशा बना रहता है।