चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया निर्देश 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को लगवाया जाय टीका
छपराः जिलाधिकारी डॉ० नीलेश रामचन्द्र देवरे ने कार्यालय कक्ष से वीडियो काफेंसिंग कर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि 45 वर्ष से अधिक आयु वाले जिला के सभी लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगवाया जाय। जिलाधिकारी ने कहा प्रखंड स्तर पर लाभार्थियों को जागरुक करने की समुचित जबाबदेही प्रखंड विकास पदाधिकारी की होगी।
इसके लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा पंचायती राज प्रतिनिधिगण समन्वय एवं सहयोग प्रदान करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी, पर्यवेक्षकीय स्तर के पदाधिकारी, मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी को टीकाकरण अभियान में लगाया जाय एवं प्रतिदिन इनके कार्यों का अनुश्रवण किया जाय। किसी भी स्तर पर असहयोगपूर्ण रवैया को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
प्रति वार्ड कम से कम 40 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य :
जिलाधिकारी ने डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि 45 वर्ष से अधिक का आयु वाला जो नया वर्ग है उसमे षिक्षक, उनके परिवार के सदस्य, स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों, जीविका दीदी एवं उनके परिवार के सदस्यों को लक्षित कर टीकाकरण के कार्य में तेजी लायी जाय। जिलाधिकारी के द्वारा प्रति पंचायत कम से कम 30 तथा शहरी क्षेत्रों मे प्रति वार्ड कम से कम 40 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री वृद्वजन पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों को 10 अप्रैल तक हर हाल मे टीका लगाना सुनिश्चित किया जाय। सभी वृद्वजनों के कोविड टीकाकरण के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एण्ड वेल्नेस सेन्टर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर व्यवस्था करायी जाय एवं लाभार्थियों के बैठने के लिए कुर्सी तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिष्चित करायी जाय।
भीड़-भाड़ से निपटने की व्यवस्था करें सुनिश्चित :
डीएम ने कहा कि एक साथ अत्याधिक संख्या में लाभार्थियों के आगमन तथा भीड़-भाड़ की स्थिति में पोर्टल प्रविष्टि में समय लगने की संभावना है। उक्त परिस्थिति में लाभार्थी के पहचान की जाँच कर उनके आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाईल नम्बर आदि लेने की प्र्रक्रिया पूर्ण कर उनके विवरणी को संधारित करते हुए उनका टीकाकरण किया जाय एवं पोर्टल के सामान्य रुप से कार्य करने पर संबंधित लाभार्थी के आंकड़ों की विवरणी फोटो एवं पहचान को अपलोड करना सुनिष्चित किया जाय।
प्रतिदिन वीडियो कंफ्रेंसिंग से कोविड टीकाकरण की समीक्षा :
वीडियो काफेंसिंग के द्वारा कोविड टीकाकरण की समीक्षा में लहलादपुर में अच्छी प्रगति की जहाँ जिलाधिकारी ने प्रशंसा की वही गड़खा में सबसे कम उपलब्धि पर नाराजगी व्यक्त की गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिदिन सुबह के 10 बजे वीडियो काफेंसिंग कर टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की जाएगी जिसमें सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, पर्यवेक्षकीय पदाधिकारी, पीओ (मनरेगा) उपस्थित रहेंगे। इस दौरान उप विकास आयुक्त अमित कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी एवं डीपीएम अरविन्द कुमार उपस्थित थे।
सरकारी कर्मी या अधिकारी के घर किलकारी गूंजने पर स्वास्थ्य विभाग उठाएगा आर्थिक भार
छपराः अब सरकारी कर्मी या फिर अधिकारी के घर किलकारी गूंजने पर प्रसव पीड़ा के दौरान होने वाले खर्च का आर्थिक भार स्वास्थ्य विभाग उठाएगा। जिले की आम जनता के साथ सरकारी कर्मी भी सुरक्षित प्रसव के लिए सतर्क रहें। इस बाबत स्वास्थ्य विभाग ने यह विशेष पहल की है। स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया है कि बच्चे के जन्म लेने पर प्रसव पीड़ा के दौरान होने वाले खर्च की चिकित्सा प्रति स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलेगी।
इस संबंध में प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने पत्र जारी कर प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम व सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। जारी पत्र में कहा गया है कि प्रसव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, फिर भी प्रसव के दौरान अनुकूल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाती है, तो जच्चा व बच्चा की मां और शिशु मृत्यु दर में कमी आती है। साथ ही माता व शिशु के स्वास्थ्य में भी वृद्धि होती है। बिहार उपचार नियमावली के नियम 26 के अनुसार राज्य सरकार को यह शक्ति है कि वह किसी भी व्यक्ति को, जो इस नियमावली के समन्वय उपचार या इलाज के लिए दस्तावेज नहीं है, उसके लिए उपचार व इलाज की सुविधा प्रदान करें।
दो संतानों तक ही सीमित है सुविधा का लाभ:
सरकारी कर्मी और अधिकारियों को सरकार की ओर से मिलने वाली यह सहायता पहले दो संतानों तक ही सीमित रहेगी। इसमें अच्छी बात यह है कि चाहे बच्चे का जन्म नाॅर्मल डिलेवरी से हो या फिर सीजेरियन, दोनों ही स्थिति में सरकारी कर्मियों को विभाग की ओर से चिकित्सा के प्रति परामर्श मिलेगा। वर्तमान में अखिल भारतीय सेवाओं के कर्मियों को सामान्य प्रसव और सीजेरियन, पीड़ित के लिए मेडिक्लेम आधारित सुविधा उपलब्ध करायी जाती है । अब बिहार सरकार भी अपने सरकारी कर्मियों और अधिकारियों को उपलब्ध कराएगी।
जननी सुरक्षा योजना के तहत भी दी जाती है आर्थिक मदद:
सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने बताया जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिला में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार इसके लिए गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। इस योजना का लाभ केवल गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली महिलाएं ही उठा सकती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाएं :
सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने बताया जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाएं, जो गर्भवती हैं और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करती हैं, उन्हें सरकार द्वारा 1400 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा आशा सहयोगी को प्रसव प्रोत्साहन के लिए 300 रुपए और प्रसव के बाद सेवा प्रदान करने के लिए 300 रुपए की सहायता दी जाती है।
शहरी क्षेत्रों की गर्भवती महिलाएं :
इस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र की गरीब गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय 1000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा आशा सहयोगी को प्रसव प्रोत्साहन के लिए 200 रुपए और प्रसव के बाद सेवा प्रदान करने के लिए 200 रुपए प्रदान किए जाते हैं।
कैंडल मार्च को सफल बनाने के लिए चलाया गया डोर टू डोर संपर्क अभियान
छपराः नगर भूमि स्वामी संगठन की बैठक सुनील कुमार ब्याहुत के आवास पर हुई बैठक में कल होने वाले कैंडल मार्च के विषय में चर्चा की गई। कैंडल मार्च को सफल बनाने के लिए डोर टू डोर संपर्क अभियान चलाया गया जिससे कि अधिक से अधिक नगर भूमि स्वामी के लोग उस कैंडल मार्च में अपनी सहभागिता दे सके।
अपनी उचित मांग के समर्थन में डोर टू डोर संपर्क अभियान के दौरान डबल डेकर से प्रभावित होने वाले परिवार के सदस्यों को इस बात से अवगत कराया गया कि एकता में ही बल है अगर हम सभी एकजुट होकर अपने उचित मांग के समर्थन में एकजुटता दिखाएंगे तो किसी भी सरकार को हम झुका सकते हैं।
संपर्क अभियान में अध्यक्ष पांडे शैलेश, शैलेश कुमार गुप्ता, वीरेंद्र ब्याहुत, सुनील कुमार ब्याहुत, प्रशांत अमित विजय, मोहम्मद परवेज, चंदन कुमार, मनीष कुमार, रंजीत सिन्हा, संतोष कुमार ,अतुल कुमार, दिवाकर प्रसाद, अनिल कुमार, मनोज कुमार ,विवेक मिश्रा, सोनू कुमार, संजय राय, टिंकू मिश्रा, पासपत सिंह, पारसनाथ प्रसाद सुजीत कुमार इत्यादि लोग उपस्थित रहे।
विशेष जांच अभियान के तहत 43 मध्य निषेध व अन्य मामले मिलाकर कुल 97 लोग मामले में गिरफ्तार
छपराः पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के विशेष निगरानी में सारण पुलिस ने त्यौहार को लेकर विशेष जांच अभियान के तहत 43 लोगों को मध्य निषेध मामले में गिरफ्तार किया जबकि अन्य मामले मिलाकर कुल 97 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जबकि इस दौरान 148 लीटर देसी शराब भी बरामद किया गया और ₹15500 का चालान काट फाइंड के रूप में वसूली भी की गई इसी दरमियान अमनौर थाना क्षेत्र मैं डेरनी थाना क्षेत्र निवासी शंभू माझी को पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान शक के आधार पर भागने पर पीछा कर गिरफ्तार कर लिया जहां उसके पास से एक देसी कट्टा एक जिंदा कारतूस तथा एक मास्टर की भी पाया गया वहीं जांच में वहीं जांच में उसके पास से प्राप्त मोटरसाइकिल भी चोरी की बढ़ाई जा रही है जिसको लेकर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जेल भेज दी।
कोरोना को सम्पूर्ण रूप से खत्म करने को लेकर चल रहा ज़ोर-शोर से टीकाकरण अभियान
छपराः कोरोना को सम्पूर्ण रूप से खत्म करने की कवायद में जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में ज़ोर-शोर से टीकाकरण अभियान चल रहा है। जिले में कुल 62 टीकाकरण केंद्र संचालित किये जा रहे हैं। 1 अप्रैल यानी आज से 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज़ लगायी जाएगी।
टीकाकरण के पूर्व व्यक्ति को अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। कोविन एप पर पहले से पंजीकरण द्वारा या टीकाकरण स्थल पर उपलब्ध पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होने से पंजीकरण में कोई समस्या नहीं होगी। सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने टीकाकरण को लेकर आवश्यक संसाधनों के प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है|
गंभीर रोग से ग्रसित लोगों के टीकाकरण के लिए भी सर्टिफिकेट की नहीं होगी जरूरत :
सिविल सर्जन डा. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने बताया 45 से 59 वर्ष के गंभीर रोग से ग्रसित लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए पहले अपने रोग से संबन्धित प्रमाणपत्र दिखाया जाना जरूरी था। लेकिन 1 अप्रैल से यह अनिवार्यता समाप्त कर दी गयी है। अब हर कोई आसानी से कोविड-19 वैक्सीन ले सकता है। इसके लिए विभाग द्वारा कोविड 2.0 पोर्टल में आवश्यक संशोधन किया गया है तथा टीकाकरण के संबंध में सत्र स्थल के निर्धारण सहित आवश्यक संसाधनों व सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिये गए हैं।
वैक्सीनेसन के बाद भी करें कोविड-19 के नियमों का पालन:
कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर को देखते हुये टीका लेने के बाद भी सुरक्षा के नियमों का पालन करना जरूरी है। इसलिए जब भी बाहर निकलें तो अपनी और दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रख कर मास्क अवश्य पहनें। घर से बाहर जाने पर या सार्वजनिक स्थानों पर शारीरिक दूरी की आवश्यकता को समझें और पालन करें। कोविड- 19 के वायरस किसी भी सतह पर पाये जा सकते हैं। जिसे छूने मात्र से आप कोविड- 19 से संक्रमित हो सकते हैं। हाथ हमारे शरीर का सबसे अधिक क्रियाशील अंग है। इसलिए इसका खास ख्याल रखें। किसी सतह को छूने से बचें और इसे बार-बार सैनिटाइज करते रहें।
टीकाकरण केंद्र पर ही पंजीकरण, दूसरी डोज़ भी अवश्य लगवाएँ :
सीएस डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने बताया यदि लाभार्थी पहले से कोविन एप पर पंजीकृत नहीं भी है फिर भी वह टीका ले सकता है । इसके लिए केंद्र पर ही पंजीकारण की सुविधा भी उपलब्ध है। संक्रमण से पूरी सुरक्षा चाहिए तो दूसरी डोज़ भी जरूर लगवाएँ।
इन मानकों का करें पालन, कोविड-19 संक्रमण से रहें दूर :
• मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें
• भीड़-भाड़ वाले जगहों से परहेज करें
• अनावश्यक यात्रा से बचें
• साबुन या अल्कोहल युक्त पदार्थों से हाथ धोएं
• यात्रा के दौरान आवश्यक दूरी का ख्याल रखें और निश्चित रूप से मास्क और सेनेटाइजर का उपयोग करें
• बारी आने पर निश्चित रूप से वैक्सीनेशन कराएं
संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सजग व सतर्क
छपराः वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सजग व सतर्क है। संक्रमण की रोकथाम के लिए पहल की जा रही है। इससे बचाव के लिए टीकाकरण अभियान भी जोर-शोर से चल रहा है। इसी कड़ी में सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने सभी चिकित्सकों व कर्मियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी कोविड-19 की जांच करा लें। इसके साथ ही सिविल सर्जन ने कहा है कि जो भी स्वास्थ्यकर्मी ने अभी तक कोविड-19 का टीका नहीं लिया है वे अपना टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें।
सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने बताया जिले के सभी चिकित्सक, पारामेडिकल स्टाफ, कर्मियों को कोविड-19 का टीकाकरण कराना अनिवार्य है, इसलिए सभी अपनी कोविड-19 की जांच करवाना भी सुनिश्चित करेंगे। टीकाकरण के लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए विभाग कृत संकल्पित है। इसको लेकर प्रयास भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कोविड-19 टीकाकरण स्थल पर जिस क्षेत्र से लाभार्थी नहीं आ रहे हैं, या कम संख्या में आ रहे हैं तो उस क्षेत्र की आशा और आशा फैसिलिटेटर के माध्यम से जागरूक करते हुए टीकाकरण का कार्य करवाना सुनिश्चित करें। प्रत्येक दिन टीकाकरण के लक्ष्य के अनुरूप टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करने का सिविल सर्जन ने निर्देश दिया है।
कोरोना के खिलाफ एकमात्र कवच वैक्सीन :
सिविल सर्जन ने कहा कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज 4 से 8 सप्ताह के बीच में ली जा सकती है। उन्होंने कहा हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे कोरोना वैक्सीन के लिए अपना पंजीकरण करा लें क्योंकि यह कोरोना के खिलाफ एकमात्र कवच है। कोरोना से लड़ाई में ढिलाई नहीं बरती जा सकती है। वैक्सीन लगाने के लिए 45 साल से ऊपर के व्यक्ति को डॉक्टर का सर्टिफिकेट लाने की जरूरत नहीं है। 45 से ऊपर उम्र है, तो उसे मिलेगी।
वैक्सीनेशन के बाद भी जारी रखें एहतियात :
सिविल सर्जन ने आमजनों से अपील करते हुए कहा वैक्सीन लेने के बाद भी लोगों को कोविड- 19 से बचाव के लिए जारी गाइड लाइन का पालन जारी रखना जरूरी है। क्योंकि, वैक्सीन लेने के तुरंत बाद ही कोविड- 19 का दौर खत्म नहीं होगा। इसलिए, एहतियात जारी रखनी चाहिए। जिससे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न नहीं हो और खुद के साथ पूरा समाज भी सुरक्षित रहे।