जिले में पांच दिवसीय पल्स पोलियों अभियान की गयी शुरूआत
छपरा : जिले में पांच दिवसीय पल्स पोलियों अभियान की शुरूआत की गयी है। अभियान की जिला से लेकर प्रखंडस्तर तक मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी कड़ी में सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ. रंजितेश कुमार, यूनिसेफ के एसएमसी आरती त्रिपाठी के द्वारा शहरी क्षेत्र के महमुद चौक, रोजेंद्र स्टेडियम एरिया, दहियांवा दियारा क्षेत्र में पल्स पोलिया अभियान का निरीक्षण किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन ने कर्मियों को निर्देश दिया कि किसी भी हाल में एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए।
यह सुनिश्चित किया जाये। इसके साथ ही उन्होने कहा कि बच्चों को दवा पिलाते समय कोविड प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी है। सीएस ने आमजनों से भी अपील किया कि वे अपने बच्चों को पोलियों की खुराक जरूर पिलायें ताकि संक्रामक बीमारियों से बचाव किया जा सके। पांच दिनों तक चलने वाले पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान में लगे सभी कर्मचारी बच्चों को दवा पिलाने के समय गलब्स, मास्क तथा सैनिटाइजर का उपयोग निश्चित रूप से करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को बगैर छुए हुए ही दूरी बनाकर खुराक पिलाना है। इस मौके पर सिविल सर्जन डा. माधवेश्वर झा, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. रंजितेश कुमार, यूनिसेफ के जिला समन्वयक आरती त्रिपाठी, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. राजीव रंजन शामिल थे।
6 लाख 2 हजार 478 बच्चों को दी जायेगी पोलियो की खुराक:
सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में 6 लाख 2 हजार 478 बच्चों को पोलियो की खुराक घर-घर जाकर पिलाई जाएगी। इसके लिए टीम का गठन किया गया है। जिले में कुल 6 लाख 42 हजार 234 घरों को लक्षित किया गया है। सभी टीम को निर्देश दिया गया है कि लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें।
ये टीम कर रही काम:
डोर टू डोर: 1471
ट्रांजिट टीम: 287
मोबाइल टीम: 43
सुपरवाइजर: 546
लक्षित घर: 642234
लक्षित बच्चे: 602478
कोविड-19 के सुझाव के आलोक में टीकाकरण के लिए आवश्यक तैयारी प्रारंभ
छपरा : कोविड-19 महामारी के नियंत्रण के लिए कोविड-19 का टीकाकरण किया जाना है। इसके लिए नेशन एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सिनेशन एडमिनस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 के सुझाव के आलोक में टीकाकरण के लिए आवश्यक तैयारी प्रारंभ की गयी है। इसी क्रम में जिला एंव प्रखंडस्तर पर भी नियमित रूप से कोविड-19 टीकाकरण की तैयारी के लिए समीक्षा जानी है।
जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। जारी पत्र में जिलाधिकारी टास्क फार्स का नोडल नामित करते हुए निर्देश दिया गया है कि कोविड-19 टीकाकरण के तैयारी के प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा की जाये तथा कोविड टीकाकरण प्रारंभ होने पर अद्यतन की स्थिति की जानकारी के प्रतिदिन संध्याकालीन समीक्षात्मक बैठक का आयोजन कर इसकी समीक्षा की जाये।
डीएम होंगे जिलास्तरीय टास्क फोर्स का अध्यक्ष:
जिलास्तरीय टास्क फोर्स का अध्यक्ष जिला पदाधिकारी सदस्य सचिव जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी व सिविल सर्जन को नामित किया गया है। इस टास्क फोर्स में विभिन्न विभागों जैसे- डब्ल्यूसीडी, पीआरआई, शहरी विकास, कन्टोनमेंट बोर्ड, खेल एवं युवा विभाग, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, एनएसएस, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक, सूचना एंव जनसंपर्क, रेलवे, गृह, राजस्व, श्रम संसाधन, खान एवं भूतत्व, ट्राईबल विभागों के साथ साथ सहयोगी संस्था- विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, यूएनडीपी, बीएमजीएफ, जेएसआई, सीएचएआई, आईएमए व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जायेगा।
प्रखंडस्तरीय टास्क फोर्स का के अध्यक्ष होंगे बीडीओ:
इसी तरह से प्रखंडस्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया जायेगा। जिसका अध्यक्ष प्रखंड विकास पदाधिकारी होंगे। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संयोजक होंगे। इसमें सीडीपीओ, बीईओ, ग्राम पंचायत के चयनित प्रतिनिधि, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, एनएसएस, पशुपालन, लोक निर्माण विभा आदि के सदस्य, स्वास्थ्य में कार्यरत स्थानीय स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि, सहयोगी संस्था- डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, अन्य सामुदायिक संगठन के स्थानीय प्रतिनिधि, रोटरी इंटरनेशनल लायंस क्लब, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि सदस्य को रूप में शामिल होंगे।
जिला व प्रखंडस्तर पर की जायेगी समीक्षा बैठक:
कोविड-19 वैक्सीन के प्रारंभ होने से पूर्व जिला व प्रखंडस्तर पर तैयारियों की समीक्षा बैठक की जायेगी। टीका के रख-रखाव, कर्मियों की उपलब्धता, लाभार्थियों की सूची, माइक्रोप्लानिंग सभी उपकरणों की समीक्षा की जायेगी। इसको लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया गया है। इसमें भी सहयोगी संस्थाओं की मदद ली जायेगी। प्रखंडस्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी समीक्षा बैठक करेंगे।
पल्स पोलियो अभियान के तहत एकमा के असहनी गांव मे 20 बच्चों को दी गई पोलियो की खुराक
छपरा : पल्स पोलियो अभियान के तहत एकमा के असहनी गांव मे 20 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। इनर व्हील क्लब छपरा के सदस्यों द्वारा बच्चों को टॉफी, बैलून और सीटी भी दिया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों तथा अभिभावकों को संबोधित करते हुए इनर व्हील की अध्यक्ष वीणा सरन ने कहा कि हम सभी का प्रयास यह होना चाहिए कि एक भी बच्चा छूटे नहीं उन्होंने अपने भाषण के माध्यम से सभी का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन क्लब की सचिव डॉ मधुलिका तिवारी के द्वारा किया गया। बताते चलें कि यह अभियान 5 दिनों तक जारी रहेगी।
केंद्र सरकार द्वारा लाई गई तीन नए कृषि कानूनों एवं किसानों पर दमन के खिलाफ छात्रोंं के संगठन सड़क पर उतरे
छपरा : ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) सारण जिला इकाई के छात्रोंं ने संगठन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा लाई गई तीन नए कृषि कानूनों एवं किसानों पर दमन के खिलाफ सड़कों पर उतरे और शहर के नगरपालिका चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक रोष प्रकट किया। पुतला दहन के बाद सभा को संबोधित करते हुए संगठन के राज्य उपाध्यक्ष राहुल कुमार यादव ने कहा कि तीन कृषि कानूनों में एक आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक, 2020”. यह न सिर्फ किसानों के लिए बल्कि आम जन के लिए भी खतरनाक है।
अब कृषि उपज जुटाने की कोई सीमा नहीं होगी. उपज जमा करने के लिए निजी निवेश को छूट होगी. सरकार को पता नहीं चलेगा कि किसके पास कितना स्टॉक है और कहां है? खुली छूट यह तो जमाखोरी और कालाबाजारी को कानूनी मान्यता देने जैसा है. सवाल यह है कि देश के कितने किसानों के पास भंडारण की सुविधा है? हमारे यहां तो 80% तो छोटे और मझोले किसान हैं। इस प्रकार एक बार फिर केन्द्र की मोदी सरकार तीन नए कृषि कानूनों के जरिए किसानों, गरीब, मजदूरों का शोषण कर बड़े पूंजीपतियों अडानी-अंबानी, को फायदा पहुंचाना चाहती है। राज्य-पार्षद अमित नयन ने कहा कि हर बदलाव को सुधार नहीं कहा जा सकता है. कुछ विनाशकारी भी बन सकते है। देश ने ऐतिहासिक सुधार के नाम पर नोटबंदी को झेला और भयावह परिणाम देखने को मिले. इस एक कदम से लाखों नौकरियां और सैकड़ों जिंदगियां खत्म हो गईं।
जीएसटी, कोरोनाकाल में सरकार के गलत निर्णयों से आम जनता को कितनी परेशानियां हुई यह किसी से छुपी हुई नहीं है। ऐसे में हम नए कृषि कानूनों का कड़ा विरोध करते हैं और किसानों का शोषण, दमनकारी नीतियों को बंद करने की मांग करते हैं। पतला दहन कार्यक्रम में मुख्य रूप से रूपेश कुमार यादव, अभय कुमार चौबे, नवजीवन कुशवाहा, अंकुश पाठक, विक्की कुमार, रवि कुमार गुप्ता, सोनू कुमार, विकास कुमार, संतोष राम अन्य थे।