पटना: विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। फिलहाल बिहार में टिकट के दावेदारों से लेकर गठबंधन दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर काफी माथापच्ची देखने को मिल रही है।
इसी क्रम में सीट शेयरिंग को लेकर महागठबंधन में कई दिनों से मंथन जारी है। लेकिन, विश्वस्त सूत्रों की मानें तो महागठबंधन के अंदर सीटों को लेकर बातचीत लगभग तय हो गई है। सीट शेयरिंग को लेकर महागठबंधन के सूत्रों का कहना है कि शामिल घटक दलों के बीच सीटों को लेकर लगभग सहमति बन गई है।
सूत्रों का कहना है कि राजद 135-140 सीटों पर प्रत्याशी उतार सकती है, वहीं कांग्रेस के हिस्से 50 से 55 सीटें आ सकती हैं। इसके अलावे रालोसपा को 15 से 20 और विकासशील इंसान पार्टी को 10 से कम सीटों पर प्रत्याशी उतारने का मौका मिल सकता है। इसके अलावे वामदलों को 15 से 20 सीटें दी जा सकती है। इसके आलावा कुछ सीटें राजद अपने सहयोगियों के लिए छोड़ सकती है।
मालूम हो कि कांग्रेस काफी पहले से 70 से अधिक सीटें मांग रही है। लेकिन, सूत्रों की मानें तो कांग्रेस को 50 सीटें दिए जाने के बाद नाराजगी खुलकर सामने आ सकती है। इसके आलावा रालोसपा और वीआईपी भी नाराजगी दिखा सकती है। कांग्रेस द्वारा 70 से अधिक सीटों पर दावा ठोकने के बारे बताया जाता है कि कांग्रेस की नजर ऐसी सीटों पर है जहां पिछले चुनाव में जदयू विजयी हुई थी या जहां से जदयू दूसरे नंबर पर रही थी।